उम्मीद के विपरीत सर्दियों में भी बिजली संकट बरकरार है। रोजाना राजधानी में किसी न किसी इलाके में नियमित रूप से आपूर्ति बंद रहती है।
रविवार को ही 132 केवी नीबू पार्क पारेषण उपकेंद्र से 10 उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे एक लाख से अधिक उपभोक्ता चार घंटे तक बिजली को तरस गए।
इसका सबसे अधिक असर बाजारों पर पड़ा। बिजली के अभाव में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कारोबार प्रभावित हुआ।
पारेषण उपकेंद्र के यार्ड में सिस्टम के ऊपर जाल बिछाने के लिए सुबह 9 बजे से नीबू पार्क, विक्टोरिया, मेडिकल कॉलेज, चौपटिया, रेजीडेंसी, इक्का स्टैंड डालीगंज, लविवि एवं अमीनाबाद की बिजली को बंद किया गया था।
इसके कारण ठाकुरगंज से अमीनाबाद तक और नादान महल रोड से डालीगंज तक बिजली दोपहर एक बजे तक गायब रही।
रखरखाव कार्य कराये जाने के कारण लाटूश रोड, गणेशगंज, मौलवीगंज, श्रीराम रोड, चौक, अहियागंज, नादान महल रोड, अकबरी गेट समेत कई इलाकों में बिजली संकट के चलते खरीद-फरोख्त करने में ग्राहकों परेशानी हुई।
इसके अलावा सार्वजनिक अवकाश पर निपटाए जाने वाले अन्य कार्य भी पेंडिंग रह गए।
बिछा आधा जाल
दो बार चार से पांच घंटे की बिजली बंद होने के बाद भी पारेषण उपकेंद्र नीबू पार्क की यार्ड के सिस्टम पर आधा ही जाल बिछ सका।
अभी आधा जाल बिछाने के लिए इंजीनियर कम से कम दो बार और बिजली बंद करने की बात कह रहे हैं।
इंजीनियरों ने बताया कि पारेषण उपकेंद्र से बिजली बंद होते ही वीआईपी दखल के चलते काम करना मुश्किल हो जाता है।