अब एक व्यक्ति के नेत्रदान से चार लोग देख पाएंगे
एक कार्निया से दो लोगों में हो सकता है प्रत्यारोपण
अब एक व्यक्ति नेत्रदान (कार्निया) करके चार लोगों की जिंदगी में रोशनी लौटा सकता है। केजीएमयू में नई तकनीक से एक कार्निया से दो मरीजों में प्रत्यारोपण किया जा रहा है। अब तक नई तकनीक से 38 कार्नियल नेत्रहीन को रोशनी प्रदान की जा चुकी है। अभी तक एक कार्निया एक ही व्यक्ति में प्रत्यारोपित किया जाता था।
केजीएमयू नेत्र बैंक के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि कॉर्निया में पांच परतें होती हैं। इनमें इपीथीलियम, बोमेन मैम्बरेन, स्टोरमा, डिसिमेंट मैम्बरेन और इंडोथीलियम परत होती है। जिन मरीजों में अपर लेयर डिजीज होती है उनमें डीप एंटीरियर लैमेलर केरेटोप्लास्टी (डीएएलके) करते हैं और लोअर लेयर डिजीज में डेस्केमेट स्ट्रीपिंग एंडोथेलियल केरटोप्लास्टी (डीएसईके) की जाती है। ऐसे में कार्निया की परत को दो हिस्से में बांट लिया जाता है। कॉर्निया की सबसे भीतरी लेयर इंडोथीलियम होती है। अगर केवल इस लेयर को किसी कारणवश क्षति पहुंचती है, तो पूरी कॉर्निया का प्रत्यारोपण किया जाता है। यह आंखों की जांच के दौरान पता चलता है कि कौन सी परत खराब है। नई तकनीक से केजीएमयू में दान में मिले 19 कार्निया 38 लोगों में प्रत्यारोपित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में करीब दो लाख लोग कार्नियल ब्लाइंडनेस के शिकार हैं।
रैली निकाल किया जागरूक
केजीएमयू की ओर से राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत रविवार को 1090 चौराहे से रैली निकाली गई। कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली मुख्यमंत्री आवास, राजभवन होते हुए हजरतगंज में समाप्त हुई। इस दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए नेत्रबैंक के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि कॉर्नियल ब्लाइंड लोगों को सामान्य जीवन देने के लिए नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी। रैली में डॉ. वाईके पाठक, पद्मेंद्र पंवार, सबसे कम उम्र के ड्रमर देवाग्य दीक्षित सहित मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद रहेे।
हेल्प लाइन भी
कॉर्निया दान केवल आंख की ऊपरी परत है, न कि पूरी आंख। किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर फोन नंबर 6390826826 पर डायल करके नेत्रदान की सूचना दी जा सकती है। परिवारीजनों की ओर से सूचना मिलते ही केजीएमयू की टीम मौके पर पहुंचती है और दान की प्रक्रिया पूरी कराती है।