कॉल सेंटर पर फोन करने के घंटों बाद भी एंबुलेंस न मिली तो तीमारदार मजबूरी में मरीजों को ई-रिक्शा या टेंपो में लादकर अस्पताल पहुंचे। गुडंबा के कुर्सी रोड निवासी अर्जुन दोपहर दो बजे पत्नी को ई-रिक्शा से लेकर पहुंचे थे। इसी तरह मोहनलालगंज से महिला को टेंपो में लेकर तीमारदार सिविल अस्पताल आए।
इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ गई थी। आनन-फानन उन्हें ऑक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया। उधर, डफरिन-झलकारीबाई अस्पताल में भी तीमारदार अपने वाहन व निजी एंबुलेंस से गर्भवती महिलाओं को लेकर पहुंचे।
जीवीकेईएमआरआई के प्रवक्ता सुनील यादव का कहना है कि मरीज की मौत के बारे में जानकारी नहीं है। शाम को प्रबंधन से वार्ता के बाद एंबुलेंस कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है। 108 व 102 सेवाएं पहले की तरह बहाल हो गई है।