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क्लोन चेकों से यूपीडा को लाखों का चूना लगाने में एक गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

Thu, 20 Aug 2020 12:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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यूपीडा और सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के बैंक खातों के कैंसिल चेकों का क्लोन बनाकर अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।
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गिरोह द्वारा यूपीडा के खातों के चेकों का क्लोन चेक बनाकर 9,93,000, 9,98,400,  9,86,700 व 9,68,500 रुपए की राशि अनाधिकृत रूप से कई खातों में ट्रांसफर करा ली गई। इसके संबंध में बैंक आफ बड़ौदा विभूतिखंड, गोमतीनगर के शाखा प्रबंधक संजय कुमार ने अरविंद तिवारी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। 

इसके बाद एसटीएफ को जानकारी मिली कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) या इमेज बेस्ड क्लीयरिंग सिस्टम (आईसीएस) का फायदा उठाकर चेक क्लोन करने वाला गिरोह खातों की जानकारी हासिल कर रहा है। यह गिरोह इसके बाद उन खातों के चेकों का क्लोन चेक बनाकर राशि अपने खातों में ट्रांसफर करा लेता है। 
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एसटीएफ को सूचना मिली कि इस मामले के गिरोह का एक सदस्य लखनऊ में पॉलीटेक्निक चौराहे के पास मौजूद है। इस पर एसटीएफ ने एक आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्त में आए आरोपी ने अपना नाम जौनपुर निवासी अरविंद कुमार तिवारी उर्फ सीटू बताया। उसके पास से दो मोबाइल फोन के अलावा 3,65,000 रुपये नकद बरामद हुए। 
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मुंबई तक फैला गिरोह

गिरफ्तार अभियुक्त अरविंद तिवारी ने बताया कि उसकी मुलाकात एक वर्ष पहले जौनपुर के ही मनीष मौर्या नामक व्यक्ति से हुई थी। मनीष ने बताया था कि उसका एक साथी शादाब अनवर शेख है जो मुंबई में रहता है। मनीष व शादाब अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चेक क्लोन करते हैं तथा उसको विभिन्न खातों में लगाकर पैसा ट्रांसफर कराते हैं।

खातों में पैसा आ जाने पर चेक/एटीएम के माध्यम से निकाल कर आपस में बांट लेते हैं। अरविंद ने बताया कि यूपीडा के खातों से निकाली गई रकम उसके खाते में आने पर उसने एटीएम व चेक से कुल छह लाख रुपये निकालकर मनीष को दे दिया था और अपने हिस्से के 3,65,000 रुपये लेकर वह लखनऊ आ गया था।

यहां वह इन रुपयों का डॉलर में लेन-देन करने के लिए अपना इंस्टा ग्लोबल पे पर अकाउंट खुलवाने आया था। उसने बताया कि यूपीडा के अलावा डॉ. शकुंतला मिश्र यूनिवर्सिटी व उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसायटी के भी चेकों का क्लोन करके विभिन्न खातों में लगाया गया था परंतु भुगतान नहीं हो पाया था। गिरफ्तार अभियुक्त को विभूतिखंड थाने में दाखिल कराया गया है। 
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