यूपीडा और सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के बैंक खातों के कैंसिल चेकों का क्लोन बनाकर अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।
गिरोह द्वारा यूपीडा के खातों के चेकों का क्लोन चेक बनाकर 9,93,000, 9,98,400, 9,86,700 व 9,68,500 रुपए की राशि अनाधिकृत रूप से कई खातों में ट्रांसफर करा ली गई। इसके संबंध में बैंक आफ बड़ौदा विभूतिखंड, गोमतीनगर के शाखा प्रबंधक संजय कुमार ने अरविंद तिवारी व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इसके बाद एसटीएफ को जानकारी मिली कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) या इमेज बेस्ड क्लीयरिंग सिस्टम (आईसीएस) का फायदा उठाकर चेक क्लोन करने वाला गिरोह खातों की जानकारी हासिल कर रहा है। यह गिरोह इसके बाद उन खातों के चेकों का क्लोन चेक बनाकर राशि अपने खातों में ट्रांसफर करा लेता है।
एसटीएफ को सूचना मिली कि इस मामले के गिरोह का एक सदस्य लखनऊ में पॉलीटेक्निक चौराहे के पास मौजूद है। इस पर एसटीएफ ने एक आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्त में आए आरोपी ने अपना नाम जौनपुर निवासी अरविंद कुमार तिवारी उर्फ सीटू बताया। उसके पास से दो मोबाइल फोन के अलावा 3,65,000 रुपये नकद बरामद हुए।