शिया यतीमखाने में महफिल को खिताब करते हसन याकूब। -अमर उजाला
लखनऊ। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के दामाद अमीरुल मोमिनीन हजरत अली अलैहिस्सलाम की विलादत पर शनिवार को शहर के मुस्लिम इलाकों में जश्न का माहौल रहा। यौमे पैदाइश की खुशी में आयोजित महफिलों में देर रात तक नारा-ए-हैदरी, या अली की सदाएं गूंजती रही। लोगों ने रिश्तेदारों और दोस्तों के घर जाकर नज्र चखी और इमाम की विलादत की मुबारकबाद देकर अपनी खुशी का इजहार किया। इमामबाड़ों, कर्बलाओं-दरगाहों और गली मोहल्लों में बिजली आदि की सजावट की गई।
काजमैन रोड स्थित शिया यतीमखाने में इदारा-ए-वारिसे काबा की ओर से यौमे अली शीर्षक से महफिले मकासिदा का आयोजन किया गया। मौलाना अम्मार काजिम जरवली ने हजरत अली की फजीलत बयान की। शायरों ने कलाम पेश किए। विलायत फाउंडेशन की ओर से दरगाह वजीरबाग स्थित इमामे जमाना हाॅल में आयोजित महफिल में मौलाना बाकर मशहदी ने खिताब किया। महफिल के बाद जुलूस ए मौलूदे काबा निकाला गया। जुलूस दरगाह हजरत अब्बास होता हुआ रौजा ए शबीह नजफ ले जाया गया। बिल्लौचपुरा स्थित इमामबाड़ा कसरे हुसैनी बिल्लौचपुरा में महफिल को मौलाना कल्बे जव्वाद और मौलाना हसनैन बाकरी ने खिताब किया। चौक स्थित मस्जिद तहसीन अली खां में मौलाना यासूब अब्बास ने महफिल को खिताब किया।
हजरत अली के इंसाफ से मजलूम नही होता था मायूस
मरकजी जमीअतुल हुफ्फाज की ओर से हजरत अली की विलादत पर अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद में आयोजित जलसा यौमे अली में मदरसा दारुल मुबल्लिगीन के अध्यापक कारी मोहम्मद सिददीक ने कहा कि शेरे खुदा हजरत अली बहुत इंसाफ पसंद थे। हजरत अली के इंसाफ से कोई मजलूम मायूस नहीं होता था। जलसे का आगाज कारी मोहम्मद ताहा और कारी मोहम्मद एहसान ने तिलावते कुरान पाक से किया। ऐशबाग स्थित गुलजार नगर में जलसा हुआ।
शिया यतीमखाने में महफिल को खिताब करते हसन याकूब। -अमर उजाला