लखनऊ। काकोरी के इब्राहिमगंज गांव में बुजुर्ग शांति देवी (65) की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच दिन बाद शनिवार को कब्र खोदकर उनका शव बाहर निकाला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। बहू शालिनी को हिरासत में लिया गया है। नामजद आरोपी करन की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि छानबीन में शालिनी की भूमिका संदिग्ध मिली है। ग्राम प्रधान शकील के वीडियो के आधार पर शालिनी से पूछताछ की जा रही है। उसके रिश्ते के भांजे उन्नाव के औरास निवासी करन को पकड़ने के लिए पुलिस टीम उन्नाव भेजी गई है।
जिलाधिकारी की अनुमति से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव कब्र से निकाला गया। शव का पोस्टमॉर्टम रविवार को होगा, जिससे मौत का कारण स्पष्ट हो सकता है। मौत जहर से हुई, तो विसरा रिपोर्ट से पुष्टि होगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट भी होगी अहम
बुजुर्ग शांति देवी को रोटी में जहर देकर मारने की बात सामने आई थी। मौके से पुलिस को आधी रोटी मिली थी। रोटी को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि एफएसएल की रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होती है तो वह अहम सबूत होगा।
कब्र के आसपास जुटी थी भीड़
कब्र से शांति देवी के शव को निकाले जाने की खबर गांव तक पहुंची तो लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया। इसके बाद फावड़े की मदद से कब्र को खोदने का काम शुरू किया गया। करीब तीन घंटे के बाद कब्र से शव को बाहर निकाला गया।
यह है पूरी घटना
इब्राहिमगंज निवासी मनोज रावत की पत्नी शालिनी ने सास शांति देवी को पांच अप्रैल को रात के खाने में जहर दिया था। शालिनी का भांजे करन से प्रेम प्रसंग था और सास इसमें बाधा बन रही थीं। इलाज के दौरान छह अप्रैल को शांति देवी की मौत हो गई थी, जिसके बाद घरवालों ने उनका शव खेत में दफना दिया। गांव के रिश्ते के चचेरे भांजे किशोर ने जहर देने की बात का खुलासा किया। इसके बाद सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी बहू शालिनी रावत ने जुर्म स्वीकार कर लिया। मामले में पुलिस ने मनोज रावत की तहरीर पर शालिनी रावत व भांजे करन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
शांति देवी की फाइल फोटो व आरोपी बहू से पूछताछ करती पुलिस।
शांति देवी की फाइल फोटो व आरोपी बहू से पूछताछ करती पुलिस।