पड़ोसी किराएदार सीमा के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब ढाई बजे सरिता ने उनको आवाज दी। कहा कि तबियत ठीक नहीं लग रही है। बड़े बेटे से बात करा दो। रामशंकर तिवारी और उनकी पत्नी के पास मोबाइल नहीं था। इसका खर्च भी वह नहीं उठा सकते थे।
वह पड़ोसी सीमा के मोबाइल पर ही बड़े बेटे से बातचीत करते थे। ढाई बजे रात को सीमा जब उनके हिस्से वाले मकान में पहुंची तो सरिता ने कहा कि बड़े बेटे अजय से बात करा दो।
सीमा ने अजय का मोबाइल नंबर मिलाकर दिया। करीब दो मिनट तक दोनों ने बातचीत की। सरिता ने कहा कि उसकी तबियत काफी खराब है। चक्कर आ रहा है, उल्टियां आ रही है। अभी कुछ ठीक लग रहा है।
बेटे अजय ने छोटे भाई अक्षय के बारे में पूछा। इसके बाद कहा कि अगर तबियत ज्यादा खराब हो तो इमरजेंसी में किसी डॉक्टर को बात कर भर्ती करा दूं। इस पर मां ने मना कर दिया। सुबह डॉक्टर के पास जाने की बात कही साथ ही कुछ रूपये उनके खाते में डालने को कहा।
सीमा के मुताबिक, रात में वह बात कराने के बाद अपने कमरे में चली गई। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे बच्चों का कपड़ा छत पर डालने जा रही थी। तभी देखा कि बरामदे में सरिता रजाई ओढ़े पड़ी है। उसने आवाज लगाई लेकिन कोई जबाव नहीं मिला।
इसके बाद वह छत पर गई। कपडे़ डालने के बाद वापस आकर दोबारा आवाज लगाई। इस बार भी कोई जबाव नहीं मिला। इसके बाद वह सरिता को हिलाकर उठाने की कोशिश की। लेकिन सरिता के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो उसे संदेह हुआ। फिर कमरे में गई तो वहां रामशंकर भी पड़े थे।
सीमा ने घबराकर पड़ोस में रहने वाले लोगों को बुलाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सीमा के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि दोनों की मौत हो गई है। पुलिस ने पूरे कमरे की पड़ताल की। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह के मुताबिक, कमरे में सल्फास का पैकेट मिला। इसके अलावा कटोरी मिली। जिसमें कुछ पानी था जो पूरी तरह से नीला पड़ गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी कटोरी में सल्फास घोलकर दंपति ने पीया था। जिससे उनकी मौत हो गई है। कटोरी और सल्फास के पैकेट को फोरेसिंक टीम ने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा कमरे में एक पर्ची मिली है। जिस पर कुछ मोबाइल नंबर लिखे थे। पुलिस ने उन नंबरों के बारे में पता किया तो परिचितों के निकले।
रोज होता था छोटे बेटे से विवाद
प्रभारी निरीक्षक तेज प्रकाश सिंह के मुताबिक, रामशंकर का छोटा बेटा अक्षय गलत संगत में पड़ गया था। वह शराब व अन्य तरह के नशे करता था। उसके घर आने-जाने का कोई समय भी नहीं था। कोई काम न करने से रामशंकर और सरिता की मुसीबतें और बढ़ गई थी। नशे की हालत में पहुंचने के बाद अक्षय का आए दिन मां और पिता से विवाद होता था।