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30 लाख की पुरानी करेंसी मिलने पर पूर्व मंत्री ने दी सफाई, ड्राइवर बोला- 18 प्रतिशत पर हुई डील

Tue, 29 Aug 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गाड़ी से बरामद हुई करेंसी
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सपा सरकार में मंत्री रहे रविदास मेहरोत्रा की एसयूवी से गोमतीनगर पुलिस ने 30 लाख रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की। पुलिस ने चालक और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए आरोपियों के मुताबिक वे पुरानी करेंसी बदलने जा रहे थे। कार में पूर्व मंत्री की लाइसेंसी रिवॉल्वर और पांच कारतूस भी मिले।
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इंस्पेक्टर गोमतीनगर आनंद प्रकाश शुक्ल ने बताया कि सहारा पुल के पास सोमवार रात पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान समाजवादी पार्टी का झंडा लगाए हुए आती एसयूवी को रोका गया। गाड़ी ठाकुरगंज के बाहमली टोला दौलतगंज का मोविन हैदर चला रहा था। बगल वाली सीट पर मोमिन नगर का दीपक कुमार था।

दोनों ने पूर्व मंत्री का नाम लेकर पुलिस टीम को अर्दब में लेना चाहा, लेकिन उनकी एक न चली। पुलिस ने जांच की तो गाड़ी की पिछली सीट पर प्लास्टिक के थैले में 30 लाख रुपये की पुरानी करेंसी मिली। यह करेंसी 1000 और 500 रुपये के नोट के रूप में थी।  पुलिस गाड़ी सहित दोनों को थाने लेकर पहुंची। वहां कार की तलाशी में पूर्व मंत्री की लाइसेंसी रिवॉल्वर व पांच कारतूस भी मिले।
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रविदास के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की होगी सिफारिश

गिरफ्तार ड्राइवर व उसका साथी। - फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक गाड़ी के डैशबोर्ड से पूर्व मंत्री की लाइसेंसी रिवॉल्वर मिली। साथ ही कारतूस भी मिले। इस मामले में दोनों के खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट की कार्रवाई भी की गई है। पुलिस के मुताबिक जिस व्यक्ति के नाम से लाइसेंसी असलहा होता है सिर्फ वही उसे लेकर चल सकता है। अगर दूसरा लाइसेंसी असलहा लेकर चलता है तो कानून अपराध है।

पुलिस ने पूर्व मंत्री को भी अपने 30 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी बताया है। उनके खिलाफ कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस पूर्व मंत्री के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी शुरू करने की तैयारी कर चुकी है।

रुपये मिले नहीं, पांच गुना जुर्माना अलग देना होगा
इंस्पेक्टर गोमतीनगर आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि पूर्व मंत्री की कार से मिले पुराने नोट के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ स्पेसिफाइड बैंक नोट्स (सेसेशन ऑफ लायबिलिटीज) एक्ट 2017 के तहत एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा गया है। इस एक्ट में कोर्ट पांच गुना रकम तक जुर्माना लगा सकती है।
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ड्राइवर ने कुबूला पुरानी करेंसी पूर्व मंत्री की है

पुलिस के मुताबिक पूर्व मंत्री का ड्राइवर व उसका साथी रातभर पुलिस को चकमा देते रहे। 30 लाख कहां से आए और किसने दिए, इसके बारे में कुछ नहीं बता रहे थे। पर, मंगलवार सुबह जब पुलिस ने सख्ती की तो जानकारी देना शुरू कर दिया। मोविन ने बताया कि रुपये पूर्व मंत्री के हैं। इसे ओसीआर स्थित पूर्व मंत्री आवास से लेकर दोनों निकले थे।

कुबूला : दयाल पैराडाइज पर पुरानी करेंसी के बदले 18 फीसदी मिलेगा
पुलिस के मुताबिक ड्राइवर ने कुबूला कि पूर्व मंत्री ने उन्हें हिदायत दी थी कि सीधे गोमतीनगर के दयाल पैराडाइज चौराहे से शहीद पथ की ओर जाना। वहीं, एक आदमी मिल जाएगा। वह खुद गाड़ी देखकर रोक लेगा। रुपये उसे दे देना। रकम के बदले वह 18 प्रतिशत रुपये वापस करेगा। उसे लेकर आ जाना। लेकिन इसके पहले ही दोनों को एसआई सत्येन्द्र विक्रम सिंह, कांस्टेबल रामानंद यादव, मुकेश कुमार और प्रदीप तिवारी ने दबोच लिया। ड्राइवर के पास कहां से आई पुरानी करेंसी, पता नहीं।

वहीं पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा का कहना है कि मैं आंख के इलाज के सिलसिले में बेंगलूरू में हूं। ड्राइवर मोविन लखनऊ में मेरे घर पर खड़ी कार को ले गया था। उसके पास यह करेंसी कहां से आई, मुझे नहीं पता। यह मेरी नहीं है। किस षड्यंत्र के तहत पुराने नोट मेरी गाड़ी में रखे गए, मुझे कोई जानकारी नहीं है।
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