देवपुर पारा आश्रयहीन योजना के पुराने आवंटियों को एलडीए की ओर से बड़ी
राहत दी जा रही है।
पुराने भवनों को ढहाने से पहले पुनर्वास के लिए नया
ब्लॉक बना कर इन आवंटियों को पहले उनमें शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद
आश्रयहीन भवन ढहाए जाएंगे।
यहां रहने वाली कुछ महिलाओं ने एलडीए में शिकायत
की है कि यहां चहारदीवारी का काम कर रहे ठेकेदार ने उनको धमकाया है कि अब
उनके भवन ढहा दिए जाएंगे।
एलडीए की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सबसे पहले
आश्रयहीन भवनों के पुराने आवंटियों को फ्लैट दे दिए जाएंगे। इसके बाद ही
उनके भवन ध्वस्त किए जाएंगे।
देवपुर पारा
में प्राधिकरण करीब पांच एलआईजी, एमआईजी और ईडब्ल्यूएस भवनों की स्कीम
लाएगा। इनका निर्माण बहुत जल्द ही शुरू किया जाना है।
इसको लेकर यहां साइट
पर की जा रही चहारदीवारी का काम पूरा हो गया है। इस दौरान ठेकेदार ने
पुराने आवंटियों को धमकाया कि वे यहां से अपना सामान लेकर निकल जाएं। ताकि
इन भवनों को ढहाने का काम शुरू कर दिया जाए।
जल्द आएगी स्कीम प्राधिकरण
ने देवपुर पारा में एक साल पहले 3500 ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस
फ्लैट बनाने के लिए टेंडर नोटिस किया था। मगर तब प्रक्रिया लंबित रह गई थी।
इससे निर्माण नहीं हो सका।
एक महीने पहले फिर से निविदा आमंत्रण किया गया
है। एक महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और निर्माण कार्य शुरू करवा
दिया जाएगा। इस काम में यहां पूर्व में बने हुए 1700 आश्रयहीन भवनों को
ढहाया जाना भी शामिल होगा।
वहीं, देवपुर पारा में वर्ष-1998 में 1700
आश्रयहीन भवनों का निर्माण किया गया था। मगर ये भवन भ्रष्टाचार के चलते
कंडम हो गए। प्राधिकरण ने इन भवनों के ध्वस्तीकरण का फैसला किया था।
इनकी
जगह पर ही देवपुर पारा में गरीबों की नई स्कीम बनाई जा रही है। पहली बार
गरीबों के लिए बनने वाली बिल्डिंग 12 मंजिल की होगी। जिसमें लिफ्ट की
सुविधा भी मिलेगी।