राज्य सरकार ने राजस्व जुटाने वाले विभागों पर वसूली का दबाव बढ़ा दिया है। वाणिज्य कर विभाग में हर जोन के अधिकारियों को पिछले साल की तुलना में इस साल कम से कम 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लक्ष्य दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर आरके तिवारी ने मातहतों को भेजे निर्देश में कहा है कि लक्ष्य से कम वसूली वाले अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
दरअसल विधानसभा चुनाव में किसानों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए सरकार ने अपने बूते पर किसानों का कर्ज माफ कर दिया है। इससे सरकारी खजाने की स्थिति काफी कमजोर हो गई है।
इसका प्रतिकूल असर अन्य सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने की बात कही जा रही है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में धन की कमी न होने पाए, इसलिए राजस्व जुटाने के संसाधनों को और मजबूत किया जाए। सरकार का मानना है कि अगर राजस्व जुटाने वाले प्रमुख विभाग शत-प्रतिशत वसूली कर लें तो स्थिति पर काबू पाया जा सकता है।