चार माह से निद्रामग्न देवता अब 31 अक्तूबर को देवोत्थानी एकादशी कार्तिंक शुक्ल पक्ष एकादशी से जागने जा रहे हैं। इसी केसाथ 4 जुलाई से रुके विवाह व अन्य शुभ कार्य भी देवोत्थानी एकादशी के बाद 16 नवंबर से शुरू हो जाएंगे। गली-मोहल्लों में शादियों की धूम देर रात तक धमाल मचाएगी। हालांकि जाड़े के तीन महीने में केवल 14 लग्नें ही मिलेंगी।
नवंबर में 9, दिसंबर में महज 5 लग्नें
4 जुलाई को हरिशयनी एकादशी पर देवताओं के सोने के चलते रुकी लग्नें 31 अक्तूबर को देवोत्थानी एकादशी पर देवताओं के जगने पर शुरू हो जाएंगी। लेकिन नवंबर में शादियों के लिए 16 नवंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा। नवंबर में 9 तो दिसंबर में पांच ही लग्नें रहेंगी, उसके बाद दिसंबर के दूसरे पखवाड़े से फिर ब्रेक लगेगा।
नवंबर माह-- 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 28 और 29 नवंबर।
दिसंबर माह-- 3, 4, 8, 9 और 10 दिसंबर तक लग्नें रहेंगी।
इसके बाद 14 दिसंबर से शुक्र अस्त होने और खरमास होने के चलते सहालगें रुकेंगी।
पंडित, बैंड और कैटरर्स के लिए रहेगी मारामारी
डेमो
शुक्र अस्त के चलते जनवरी में नहीं बजेगी शहनाई
खरमास, शुक्र अस्त के चलते अगले साल वर्ष 2018 में जनवरी भर एक भी वैवाहिक लग्न नहीं मिलेगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, दिसंबर 2017 में 14 दिसंबर से हो रहे शुक्र अस्त और उसके बाद खरमास के चलते जनवरी 2018 में शादियां नहीं हो सकेंगी। फरवरी में 3-4 फरवरी को शुक्र उदय होगा। इसके बाद अच्छे काम शुरू होंगे। विवाह सात फरवरी से शुरू हो सकेेंगे। इस दौरान करीब 55 दिनों तक सहालगें रहेंगी।
अगले साल 2018 में बाकी संवत्सर में सहालगें
फरवरी - 7, 10, 12, 13, 18, 19, 20, 23, 24, 25 और 28 फरवरी।
मार्च - 2, 3, 5, 6, 7, 8 और 12 मार्च।
नब्बे दिन में महज 14 लग्न पड़ने से पंडित से लेकर कैटरर्स, बैंड बाजे वाले और इवेंट वाले भी परेशान हैं। गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि औसतन हर लग्न पर तीन से अधिक विवाह हैं, तीन दिसंबर को चार शादियां हैं। गृह जिले के पंडितों को बुलाना पड़ा है, उनकी भी मदद ली जाएगी।
ट्रांसगोमती के नामी बैंड बाजा मास्टर रमीज के मुताबिक, कर्मचारियों को अभी से छुट़िटयां पूरी दे दी हैं कि अब नवंबर-दिसंबर में लग्न भर कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। एक-एक लग्न पर तीन बुकिंग उठा रखी हैं। यही हाल कैटरर्स का है। सीतापुर रोड के कैटरिंग व्यवसायी सुजीत गुप्ता ने बताया कि निकाय चुनाव के सीजन में शादियों की मारामारी के चलते दूर की शादियों की बजाय एक-दो किलोमीटर की दूरी की बुकिंग ही ली हैं।