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गैंगरेप के आरोपी गायत्री को बचाने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

Mon, 13 Mar 2017 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गायत्री प्रजापति
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गैंगरेप के आरोपी मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को ढूंढने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। सूबे का निजाम बदलने से गायत्री की मुश्किलें तो बढ़ेंगी ही साथ ही उन अफसरों की भी दुश्वारियां बढ़ेंगी जिन्होंने गायत्री के खिलाफ केस रजिस्टर करने और उसे फरार होने में मदद की।
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सूत्रों का कहना है कि सत्ता संभालते ही नई सरकार उन अधिकारियों को भी चिह्नित करेगी जिन्होंने प्रजापति की मदद की।

18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गायत्री के खिलाफ लखनऊ के गौतम पल्ली थाने में गैंगरेप का केस दर्ज किया गया था। इसके बावजूद 27 फरवरी तक वह लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र अमेठी में चुनाव का प्रचार करता रहा।

27 फरवरी को अमेठी का चुनाव खत्म हुआ तो पुलिस को गायत्री की याद आई। एक मार्च के बाद गायत्री को ढूंढने की कवायद तेज हुई, लेकिन गायत्री पुलिस के हाथ नहीं लगा।
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हालांकि पुलिस ने कोशिश की कि चुनाव नतीजों से पहले गायत्री को गिरफ्तार कर ले, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा। अब देखना यह है कि नई सरकार के गठन से पहले पुलिस गायत्री को तलाश पाती है या नहीं।
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अखिलेश ने की अपील फिर भी सामने नहीं आया गायत्री

चुनाव में गायत्री पर दर्ज मुकदमे को भाजपा ने मुद्दा बनाया था। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी गायत्री से आत्मसर्पण की अपील की, फिर भी गायत्री सामने नहीं आया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया था कि सीएम ने गायत्री को अपने आवास में छिपा रखा है।

जवाब में सीएम ने मीडिया से कहा था कि वह अपने कैमरे लाकर देख सकते हैं। वहीं दूसरी ओर चर्चा है कि उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी जिन्होंने गायत्री को पकड़ने में हीलाहवाली दिखाई।

मुकदमा लखनऊ में कायम हुआ और गायत्री को पकड़ने की जिम्मेदारी भी लखनऊ पुलिस की ही थी। पुलिस पकड़ने के लिए जब तक सक्रिय होती वह फरार हो चुका था। बाद में एसटीएफ की भी मदद ली गई, लेकिन एसटीएफ भी अभी तक गायत्री को तलाश नहीं कर पाई।

वहीं, सूत्रों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अधिकारी अपना तबादला तय मान रहे हैं इस लिए वह कोशिश भी नहीं कर रहे हैं।
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