पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने और इसकी व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शिक्षाधिकारियों व ब्लॉक संसाधन केंद्रों के सह समन्वयकों को परिषदीय स्कूलों को गोद लेकर आदर्श विद्यालय बनाना होगा।
बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने सोमवार को इस संबंध में निर्देश जारी किया। उन्होंने बताया कि इससे प्रदेश के 7000 स्कूल आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित होंगे।
चौधरी ने बताया कि आदर्श विद्यालय योजना को मूर्त रूप देते हुए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा।
एक आदर्श विद्यालय का भवन स्वच्छ सुंदर होगा। इसमें स्वच्छ शौचालय, साफ रसोईघर तथा विद्यालय का प्रांगण साफ-सुथरा होगा। इससे इन स्कूलों में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनेगा।