मेट्रो शटरिंग गिरने से हुए हादसे को लेकर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बैठक ली। उन्होंने कहा कि मेट्रो निर्माण में सभी विभाग बेहतर तालमेल बैठाएं। उन्होंने अधिकारियों से रविवार को हुई मेट्रो शटरिंग दुर्घटना की निष्पक्ष रिपोर्र जल्द से जल्द सौंपने को कहा।
मुख्य सचिव की इस बैठक में डीएम राजशेखर रेड्डी, नगर आयुक्त और मेट्रो के अफसर शामिल हुए।
बता दें कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) ने आलमबाग बस अड्डे के पास शटरिंग गिरने से हुए हादसे के पीछे सुरक्षा बंदोबस्त में कमी को वजह माना है। कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि निदेशक दलजीत सिंह ने कहा कि सुरक्षा में क्या कोई चूक हुई है, इसकी हम जांच करा रहे हैं। 15 दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इससे पता चलेगा कि आखिर कमी कहां रह गई।
फ्रांस विजिट के चलते एमडी कुमार केशव इस समय लखनऊ से बाहर हैं। लिहाजा एलएमआरसी के प्रशासनिक भवन में पत्रकारों से रू-ब-रू निदेशक दलजीत सिंह ने हादसे पर कंपनी का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मेट्रो के तीन निदेशक (सिविल वर्क, फाइनेंस और रोलिंग स्टॉक) और जनरल कंसल्टेंट के एक प्रतिनिधि को जांच कमेटी में रखा गया है।
यह कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट 15 दिन में देगी। इससे पता चल सकेगा कि गलती आखिर कहां हुई? इससे हम आगे के काम में भी सुरक्षा बंदोबस्त को मजबूत कर पाएंगे।
दलजीत सिंह ने कहा कि इस घटना से मेट्रो के काम में देरी नहीं होगी। अभी केवल घटना वाले सिविल वर्क को पूरा नहीं किया जाएगा। जांच के बाद तय होगा कि इसको नए सिरे से बनाया जाय या फिर मौजूदा ढांचे को ही दुरुस्त किया जाए। सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था लागू है। इसकी निगरानी भी हम लगातार कर रहे हैं।
मौके पर मौजूद स्टाफ ने खुद बताया कि घटना के समय मजदूर के सेफ्टी बेल्ट नहीं बंधी थी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि वहां मौजूद एल एंड टी की हाई सेफ्टी टीम के अधिकारी क्या कर रहे थे? उन्होंने सुरक्षा के नियमों का पालन क्यों नहीं कराया। इस लापरवाही से मजदूर की जान भी जा सकती थी।
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