उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने शुक्रवार को
संकल्प दिवस के मौके पर छह इंजीनियरों को अभियंता रत्न सम्मान से सम्मानित
किया।
यहां फील्ड हास्टल में परिषद के
अध्यक्ष आरके सिंह की अध्यक्षता में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
अखिल
भारतीय बिजली इंजीनियर महासंघ के सेक्रेटरी जनरल शैलेंद्र दुबे ने बताया कि
तीन समयबद्ध पदोन्नति की मांग को लेकर बिजल इंजीनियरों ने 1979 में आंदोलन
चलाया था।
तत्कालीन सरकार ने 29 नवंबर, 1979 से आंदोलनकारियों की
गिरफ्तारी शुरू कर दी थी। 1600 इंजीनियर जेल गए, लेकिन सरकार के आगे घुटने
नहीं टेके।
बाद में इंजीनियरों को पहली बार समयबद्ध वेतनमान की सुविधा
मिली। संघ तभी से इस उपलब्धि को संकल्प दिवस के रूप में मना रहा है।
उस
आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले इंजीनियर एमए सिद्दीकी, ओपी पालीवाल,
एसपी त्रिपाठी, एएन पांडेय, रणधीर सिंह व देवकीनंदन को कार्यक्रम में
अभियंता रत्न से सम्मानित किया गया।
मौके पर परिषद के महासचिव दिनेश चंद्र
दीक्षित, एके सिंह, ओपी पांडेय, राम प्रकाश, पीआर चौधरी आदि उपस्थित रहे।
(इस खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए नीचे के बॉक्स में कमेट करें, शेयर करने के लिए फेसबुक शेयर बटन पर क्लिक करें)