लखनऊ। जेलर अजय राय की जिला जेल पर तैनाती को लेकर जेल प्रशासन से लेकर विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आखिर जेलर मॉडल जेल से कैसे जिला जेल पहुंचे, इस बाबत दो दिन बाद भी अफसर इसका जवाब नही दे पाए हैं। हालांकि शनिवार व रविवार को मुख्यालय बंद होने का हवाला देकर अधिकारियों ने पत्रावली देखकर ही कुछ बता पाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
मुख्यालय पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी समेत कई जेल अधिकारियों ने अजय राय की जिला जेल में तैनाती का तरीका गलत व नियम विरुद्ध बताया लेकिन आला अधिकारियों के डर से आधिकारिक तौर पर बोलने से मना कर दिया। उधर, डीआईजी से लेकर आदर्श कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक के पास भी अजय राय की मॉडल जेल से जिला जेल की यात्रा का कोई ठोस जवाब नहीं मिला। जहां एक तरफ डीआईजी वीपी त्रिपाठी रविवार को मुख्यालय बंद होने के कारण पत्रावली का अवलोकन नहीं कर सके, तो दूसरी तरफ प्रभारी वरिष्ठ अधीक्षक का फोन रिसीव नहीं हुआ। अब देखने वाली बात ये है कि मुख्यालय खुलने पर अफसर मामले में खुलकर बोलेंगे या नही?
कार्रवाई के बजाय जारी हो गया जिला जेल के लिए आदेश
अजय राय ने 5 नवम्बर 2020 को आदर्श कारागार से जाकर जिला जेल पर जेलर के पद पर ज्वाइनिंग कर ली और वहीं सेवाएं देते रहे। महीनों बाद जिला जेल पर उनकी गलत तैनाती की चर्चा ने तल पकड़ा तो मुख्यालय ने अजय राय किसके आदेश और किन परिस्थित मे जिला जेल जाकर ज्वाइन किये? इसकी जांच कराने के बजाय करीब आठ माह बाद 8 जून को उनकी ड्यूटी जिला जेल पर लगाये जाने का आदेश जारी कर मामले को शान्त कर दिया। हालांकि उसमे तत्समय सहवन आदेश जारी न हो पाने का तर्क दिया। ऐसे मे सवाल यह भी है कि क्या अफसर मामले को दबा रहे हैं?