धार्मिक अनुष्ठान में महिला के साथ गांठ बांधकर बैठा एक अधिकारी आचरण नियमावली के उल्लंघन में फंस गया है। एक पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करने का आरोप जांच में सही ठहराया गया है। इस मामले में शासन ने भी काफी कठोर रुख अपनाया है। अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
वित्तीय प्रबंध प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान लखनऊ में उप निदेशक के पद पर तैनात संतोष कुमार मौर्य के खिलाफ पूनम मौर्य ने शासन से शिकायत की थी। इसमें पूनम ने कहा कि वर्ष 2005 में बिना पहली पत्नी से तलाक लिए संतोष ने उसके साथ शादी की। इस पर शासन ने जांच बैठा दी।
जांच अधिकारी निदेशक, वित्त और वन विभाग के वित्त नियंत्रक आलोक अग्रवाल ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इसमें कहा गया है कि संतोष कुमार मौर्य की वैधानिक पत्नी सुनीता मौर्य हैं। सुनीता के साथ उनका विवाह वर्ष 1989 में हुआ था। वहीं, जमीन, मकान और बैंक के रिकॉर्ड में संतोष मौर्य की पत्नी के रूप में पूनम मौर्य का नाम दर्ज है।
बच्चों के स्कूल रिकॉर्ड में भी संतोष व पूनम पति-पत्नी के रूप दर्ज हैं। बिजली बिलों में भी पूनम का नाम बतौर संतोष की पत्नी दर्ज है। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में लिखा है कि पर्यटन स्थल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, तरणताल और धार्मिक अनुष्ठान से संबंधित फोटो भी उन्हें उपलब्ध कराई गई, जिसमें संतोष और पूनम एक साथ हैं।