एसीपी ए. विक्रम सिंह के अनुसार, मूल रूप से बस्ती के बाईपोखर निवासी रवि प्रकाश इंदिरानगर बी ब्लॉक में किराये के मकान में भाई अमित के साथ रहते थे। रवि प्रकाश के पिता मेडिकल स्टोर संचालक राकेश ने बताया कि बुधवार रात 8:29 बजे रवि ने उन्हें वीडियो कॉल की थी। फोन पर उसने बताया था कि मकान मालिक ने कमरा खाली करने के लिए कहा है। राकेश का कहना है कि उनका बेटा कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। बातचीत के दौरान घर पर रिश्तेदार आने के कारण वह रवि से ज्यादा देर बात नहीं कर पाए। रात 10 बजे अमित कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा खुला था और रवि प्रकाश फंदे पर लटका मिला। अमित ने पड़ोसियों की मदद से रवि को लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अमित ने उन्हें घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन लखनऊ पहुंचे।
राकेश के मुताबिक, रवि प्रकाश ने चार वर्ष नीट की तैयारी की थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कानपुर की युवती से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था। कुछ दिनों से युवती ने रवि प्रकाश से बात करना बंद कर दिया था। युवती उसके फोन और मेसेज का जवाब नहीं देती थी, जिससे रवि प्रकाश तनाव में था। राकेश ने आरोप लगाया है कि युवती रवि प्रकाश पर किसी बात को लेकर दबाव बना रही थी। एसीपी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
श्रमिक ने फंदा लगाकर दी जान
मोहनलालगंज स्थित नेवलखेड़ा निवासी रंजीत (24) ने बुधवार रात फंदा लगा लिया। रंजीत मजदूरी करते थे। भाई सुजीत ने बताया कि रंजीत कुछ दिनों से किसी बात पर काफी परेशान थे। वह घरवालों से गाली गलौज करने लगे थे और अकेले में अनाप-शनाप बोलते थे। बृहस्पतिवार तड़के 4:00 बजे मां उठकर कमरे में गईं तो रंजीत का शव फंदे से लटका देखा। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार में सुजीत के अलावा पिता मेवालाल और मां आशा देवी हैं।