फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सारी कोशिशें नाकाम: तेजस की ट्रिप घटाई, सुविधाएं बढ़ाईं, पर नहीं बढ़ रहे यात्री

Thu, 10 Feb 2022 05:44 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

तेजस ट्रेन को यात्री नहीं मिल रहे हैं। ढाई सौ से ज्यादा सीटें खाली चल रही हैं। वहीं शताब्दी के महंगे किराए से भी यात्री कट रहे हैं। तेजस में 255 और शताब्दी में 475 तक सीटें खाली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन में यात्री संख्या बढ़ाने की आईआरसीटीसी प्रशासन की सारी कवायदें नाकाम साबित हो रही हैं। यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से इसके फेरे कम कर दिए गए हैं। बावजूद इसके ट्रेन को यात्री नहीं मिल रहे और ढाई सौ से ज्यादा सीटें खाली चल रही हैं। वहीं दूसरी ओर शताब्दी से भी यात्रियों का मोहभंग हो रहा है। हालांकि, रेलवे प्रशासन शताब्दी का किराया घटाने के लिए कैटरिंग चार्ज कम करने पर विचार कर रहा है।

विज्ञापन


तेजस एक्सप्रेस अक्तूबर 2019 में शुरू हुई थी। अब आलम यह है कि यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से ट्रेन के खर्चे निकालना भी भारी पड़ रहा है। तेजस के संचालन के एवज में प्रतिदिन 2,89,000 रुपये विभिन्न मदों में देने होते हैं तथा सालाना करीब 15 करोड़ रुपये कस्टडी चार्ज पड़ता है। खर्चे नहीं निकलने की वजह से तेजस की ट्रिप कम कर दी गईं। पहले जहां यह हफ्ते में छह दिन चलती थी, अब इसकी ट्रिप घटाकर तीन दिन शुक्रवार, शनिवार, रविवार कर दी गई है। फिर भी तेजस को यात्री नसीब नहीं हो रहे हैं।

यही वजह है कि तेजस की चेयरकार में 11 से 13 फरवरी तक 255, 210 व 156 सीटें खाली हैं, जिसका किराया 1475 रुपये है। वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास में इन तारीखों पर 70, 73 व 89 सीटें रिक्त हैं। इसका किराया 2321 रुपये तक है। कमोवेश वीआईपी ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस का भी हाल कुछ ऐसा ही है। ट्रेन को यात्री नहीं मिलने से रेलवे प्रशासन सकते में है। मंथन के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों की संख्या बढ़ाई जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

महंगी कैटरिंग ने घटा दिए यात्री

शताब्दी एक्सप्रेस की कैटरिंग महंगी होने की वजह से किराया बढ़ गया, जिसकी वजह से यात्री शताब्दी की जगह दिल्ली रूट की दूसरी ट्रेनों का सहारा ले रहे हैं। लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (12003) की चेयरकार में गुरुवार से आगे के दिनों में 239, 355, 475 व 414 सीटें रिक्त हैं। इसका किराया 1390 रुपये है, जिसमें 275 रुपये कैटरिंग शामिल है। वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास व अनुभूति कोच में भी 15 से 20 तक सीटें खाली हैं। अनुभूति कोच का किराया 2480 रुपये है, जिसमें 385 रुपये कैटरिंग चार्ज है। आलम यह है कि ट्रेन में मिलने वाले आधा लीटर पानी को भी पेड सर्विस में लाने की योजना बनाई जा रही है।

...ऐसे बढ़ सकते हैं पैसेंजर
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल बताते हैं कि शताब्दी एक्सप्रेस लखनऊ की शान है। उसे यात्रियों की पहली पसंद बनाए रखने के लिए किराया कम होना जरूरी है। मसलन, पहले जहां चेयरकार का टिकट 700 रुपये के अंदर मिल जाता था, वहीं अब यह बढ़कर दोगुना हो गया है। ट्रेन से डायनेमिक फेयर को हटा दिया जाए। साथ ही कैटरिंग को सस्ता कर यात्रियों को आकर्षित किया जा सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें