ठंड में ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं। हर रोज ट्रॉमा के न्यूरोलॉजी विभाग में बेड न मिलने पर करीब पांच मरीज को निजी अस्पताल जाना पड़ता है। जहां पर विशेषज्ञ न होने पर मरीजों को मुकम्मल इलाज न मिलने से उनकी मौत तक हो जाती है।
केजीएमयू के डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में खून गाढ़ा पड़ जाता है। इसके कारण ब्रेन में रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आती है और खून का थक्का जम जाता है। जब यह थक्का ब्रेन में जमता है तो ब्रेन अटैक पड़ता है।