अब आप बीएड की पढ़ाई घर बैठकर या कोई नौकरी करते हुए भी कर सकेंगे। बदली हुई व्यवस्था में यह संभव होगा। यह नई व्यवस्था लखनऊ यूनीवर्सिटी में शुरू होगी। एलयू में जल्द ही दूरस्थ शिक्षा पद्धति से बीएड की पढ़ाई शुरू होगी।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) से मंजूरी मिलने के बाद विवि में दूरस्थ शिक्षा पद्धति पर बीएड के साथ ही बैचलर ऑफ इलीमेंट्री एजूकेशन, बीए-बीएड/बीएसी-एमएड इंटीग्रेटेड प्रोग्राम, बीएड पार्ट टाइम प्रोग्राम ऑफ थ्री-ईयर पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
पांचों पाठ्यक्रम लविवि में शिक्षा संकाय के अधीन चलाए जाएंगे। शनिवार को प्रस्तावित कार्य परिषद की बैठक में इन पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी जानी है। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद इनके सिलेबस आदि बनाने का काम शिक्षा संकाय शुरू करेगा। बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी बोर्ड की मंजूरी के बाद अगले सत्र से कोर्स शुरू होने की संभावना है।
एनसीटीई ने बैचलर ऑफ इलीमेंट्री एजूकेशन, बैचलर ऑफ एजूकेशन थ्रो ओडीएल मोड, बीए-बीएड/बीएसी-एमएड इंटीग्रेटेड प्रोग्राम और बीएड पार्ट टाइम प्रोग्राम ऑफ थ्री ईयर प्रोग्राम चलाने की मंजूरी दी थी।
उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव पीके पांडेय के अनुसार ने 16 जुलाई को लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ ही अन्य राज्य विवि को इस संबंध में पत्र लिखा था। ऐसे ये कोर्स शुरू करने से पहले कार्य समिति की मंजूरी ली जानी है। इसके बाद पाठ्यक्रमों का पूरा खाका और स्वरूप तय करने की जिम्मेदारी शिक्षा संकाय को निभानी होगी।
इस बीच एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि इस अवसर पर एकेडमिक काउंसिल में पांच बाहरी सदस्यों को भी नामित किया गया है। इनमें ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खान मसूद, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली के निदेशक प्रो. वामन केंद्रे, एलयू के जियोलॉजी विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. एमपी सिंह, सोश्योलॉजी विभाग से सेवानिवृत्त्त प्रो. आभा अवस्थी और प्रो. कृष्ण बिहारी पांडेय शामिल हैं।