विराजमान रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि राममंदिर का नया ट्रस्ट बन चुका है, इससे अच्छा और क्या होगा। अब सब कुछ नए ट्रस्ट को तय करना है। रामलला ने टाट में रहकर 10 करोड़ सरकार को दिए हैं, जब भव्य मंदिर बनेगा तो यह रकम कई गुना बढ़ जाएगी। तब पुजारी से लेकर पूजा-पाठ, राग-भोग वस्त्र आदि की कोई चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।
निर्मोही अखाड़े ने मांगा पूजा का अधिकार
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य निर्मोही अखाडे़ के महंत दिनेंद्र दास ने ट्रस्ट की पहली बैठक में पूजा-पाठ का अधिकारी निर्मोही अखाड़े को देने की मांग उठाई है। उनका तर्क है कि निर्मोही अखाड़ा हमेशा से ही राममंदिर में पूजा-अर्चना करता रहा है, इसलिए उसे ही पूजा पाठ का अधिकार मिलना चाहिए। महंत दिनेंद्र दास कहते हैं कि इसमें कोई शक नहीं है कि नया ट्रस्ट बनने के बाद रामलला के पूजा-पाठ से लेकर राग-भोग की व्यवस्था में भी सुधार होगा। कहा कि पूजा का अधिकार किसे दिया जाएगा यह अभी तय नहीं है।