लोहिया संस्थान में शनिवार को स्ट्रेचर घसीटते तीमारदार।
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में तीमारदारों को अब मरीजों की व्हीलचेयर और स्ट्रेचर नहीं घसीटनी पड़ेगी। संस्थान के कर्मचारी ही यह जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए इमरजेंसी के बाहर कर्मचारी 24 घंटे तैनात रहेंगे।
मरीजों को सहूलियत देने के लिए संस्थान में नई व्यवस्था शुरू की गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ले जाने के लिए कर्मचारी तैनात करने का मकसद तीमारदारों को गाइड करना भी है।
ये कर्मचारी एंबुलेंस से ही मरीजों को ले लेंगे। इसके बाद उन्हें किसी भी प्रकार की जांच के लिए भी यही कर्मचारी लेकर जाएंगे। इमरजेंसी में स्ट्रेचर और व्हील चेयर की संख्या बढ़ाई गई है। इनके लिए जगह बनाई जा रही है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़े।
अभी तो खुद ही स्ट्रेचर घसीट रहे तीमारदार
संस्थान प्रशासन के दावे से इतर शनिवार को संस्थान की इमरजेंसी में कई तीमारदार खुद ही स्ट्रेचर घसीटते नजर आए। इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक का कहना था कि एक शिफ्ट में चार-चार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। कई बार मरीज एक साथ आ जाते हैं। इसके अलावा कई बार तीमारदार कर्मचारियों को बताने के बजाय खुद ही स्ट्रेचर घसीटने लगते हैं। इस वजह से ऐसी स्थिति बनती है।
मोहनगंज में ग्रीन रोड के निर्माण कार्य शुरू होेने पर प्रदर्शन करते क्षेत्रवासी। संवाद