शिक्षामित्रों से जुड़े हाईकोर्ट के फैसले से नाराज शिक्षामित्र पढ़ाई का अपना मुख्य काम छोड़कर सड़कों पर आ चुके हैं। इन शिक्षामित्रों ने अलग-अलग तरीके से इस फैसला का विरोध जताया है।
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लखनऊ से सटे फैजाबाद में बीएसए कार्यालय पर जुटे डेढ़ हजार शिक्षमित्रों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की फरियाद की। इसके लिए बकायदे फार्म भरे गए। पूरे दिन कार्यबहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन हुए।
इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी समर्थन में कूदा। शिक्षा मित्रों ने नौकरी बचाने को लेकर अंतिम सांस तक सघंर्ष का ऐलान किया। कहा कि जब नौकरी ही नहीं रहेगी तो जिंदा रहने का कोई मतलब नहीं होगा। बाद में पीएम को संबोधित ज्ञापन सांसद प्रतिनिधि को देने के साथ धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया।
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आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से शिक्षामित्रों को राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगने का फार्म वितरित किया गया, जिसे भरकर लोगों ने जमा किया। ये फार्म राष्ट्रपति को एक साथ भेजे जाएगें।
एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता अवनीश सिंह ने कहा कि तकरीबन डेढ़ हजार फार्म एकत्रित हुआ जिसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि डेढ़ हजार शिक्षामित्र शिक्षकों ने राष्ट्रपति से सामूहिक रूप से इच्छामृत्यु मांगी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह व जिलाध्यक्ष चक्रवर्ती सिंह भी दर्जनों अध्यापकों के साथ शिक्षामित्रों के आंदोलन में कंधा से कंधा मिलाया। पीएम को संबोधित ज्ञापन में हाईकोर्ट के निर्णय के बाद नौकरी पर आए संकट को टालने की मांग की गई है।
फैजाबाद में ही नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल हसनू कटरा की शिक्षिका आरती निषाद की तबियत धरना स्थल पर ही एकाएक खराब हो गया। उनके साथियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें दवा देकर छोड़ दिया।
दी चेतावनी, नहीं चलने देंगे स्कूल
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मंगलवार को शिक्षामित्रों ने रायबरेली के ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर एकत्र होकर धरना दिया। सभी ने आदेश का निंदा की और प्रदेश सरकार से न्याय की मांग की। शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन को जारी रखेंगे।
बीआरसी गौरा में शिक्षण कार्य का बहिष्कार करते हुए शिक्षामित्रों ने बीआरसी में धरना दिया। जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र धैर्य रखें। न्याय मिलेगा। आशीष कुमार सिंह, बीरेंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, राजेश, हेमंत मौजूद रहे।
सलोन प्रतिनिधि के अनुसार, बीआरसी में शिक्षामित्रों ने धरना देकर आदेश का विरोध किया। जयवर्धन, जीत लाल, अजय सिंह, नौशाद, गायत्री पांडेय, अशोक ने न्याय दिलाए जाने की मांग की। सरेनी प्रतिनिधि के अनुसार, बीआरसी में शैलेंद्र सिंह, ईश्वरदीन, विजय कुमार, कुसुम सिंह, कांती, पूनम, सरला, गायत्री ने धरना देकर अपनी बात सबके सामने रखी।
आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन की मंगलवार को रायबरेली के लालगंज ब्लॉक संसाधन केंद्र में हुई बैठक में शिक्षा मित्रों ने निर्णय का जोरदार विरोध किया और कहा कि जब तक उनके समायोजन की बहाली नहीं होती, तब तक वे स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई का काम ठप रखेंगे। शिक्षामित्रों ने दावा किया कि 50 स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह से ठप रही।
यूपी के मुरादाबाद और बरेली क्षेत्रों में भी कोर्ट के इस फैसले का तीखा विरोध हुआ। हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने से मंडलभर के शिक्षामित्र मंगलवार को भी आंदोलनरत रहे। परिषदीय स्कूलों को बंद कराकर शिक्षण कार्य का बहिष्कार रखा।
अमरोहा जिले में शिक्षामित्रों ने सांसद कंवर सिंह तंवर के आवास का घेराव कर लिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। गजरौला में सांसद कार्यालय के घेराव के दौरान एक शिक्षिका बेहोश गई। संभल जिले में बीआरसी पर धरने के दौरान शिक्षामित्र दीक्षा ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया।
रामपुर जिले के मिलक और बिलासपुर में धरने के दौरान तीन शिक्षामित्रों की हालत बिगड़ गई। मुरादाबाद जिले के कांठ में शिक्षामित्रों ने बीआरसी और एबीएसए कार्यालय पर ताले ठोंक दिए। कुंदरकी में शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की। ठाकुरद्वारा में भी धरना प्रदर्शन किया।
इधर,शासन ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षामित्रों के आंदोलन में स्वयं जाएं और उन्हें समझाएं। बताया जाए कि घबराने की कोई बात नहीं है सरकार अभी प्रयास कर रही है। सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार।