समाजवादी पार्टी उपचुनावों में अपना रामपुर का गढ़ बरकरार रखने के साथ ही भाजपा और बसपा से एक-एक सीट छीनने के बाद अब संगठन को मजबूत बनाने पर ध्यान लगाएगी। अभी भंग चल रही प्रदेश व जिला व विधानसभा इकाइयों के साथ ही युवा संगठनों, मोर्चों व प्रकोष्ठों का पुनर्गठन किया जाएगा। जल्द ही कुछ जिलाध्यक्षों का एलान किया जाएगा।
सपा जिस समय उपचुनाव में उतरी, तब प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर राज्य इकाई समेत सभी संगठन भंग चल रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी कमेटियां 23 अगस्त को भंग की थी। बीच में उपचुनाव के कारण संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया रुक गई थी। अब सपा संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करेगी। जल्द ही सपा के कुछ जिलाध्यक्षों की घोषणा होने की संभावना है।
कई जिलों में पूर्व अध्यक्षों तो कई में नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। अनुभव और जोश में समन्वय स्थापित किया जाएगा। यानी संगठन में अनुभवी नेताओं के साथ की जोशीले युवाओं को भी जगह दी जाएगी। लंबे समय से प्रदेश इकाई का गठन भी नहीं हो पाया है। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल जल्द ही अपनी टीम का गठन करेंगे। सपा का इरादा 2022 की जंग में कूदने से पहले संगठन को बूथ स्तर पर धारदार बनाने बनाने का है।
आने वाले दिनों में सपा कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी के साथ ही किसानों, युवाओं, मजदूरों, व्यापारियों व नौकरीपेशा लोगों के मुद्दों को लेकर आंदोलन की राह पर चलेगी। इसके लिए संगठन को सशक्त बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है।
जल्द ही चारों युवा संगठनों समेत सभी मोर्चों व प्रकोष्ठों को सक्रिय कर दिया जाएगा। अलग-अलग संगठनों के कार्यक्रम भी निर्धारित किए जाएंगे। संगठन को मजबूत करके ही विधान परिषद की स्नातक व शिक्षक सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा। ये चुनाव अप्रैल 2020 में प्रस्तावित हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार नवंबर माह में संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करने का काम चलेगा।