शासन ने शराब की दुकानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विमुक्त जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
विधानमंडल की समिति ने सरकार से शराब की दुकानों के आवंटन में इन जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने की सिफारिश की थी।
सरकार ने यह कहते हुए इससे इन्कार कर दिया है कि यह व्यावहारिक, सामाजिक व संवैधानिक दृष्टि से तथा प्रदेश के राजस्वहित में औचित्यपूर्ण नहीं है।
प्रदेश विधानमंडल की अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं विमुक्त जातियों संबंधी संयुक्त समिति ने शराब की दुकानों में इन जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान करने की सिफारिश की थी।