परिवहन विभाग ने जनता की सुविधा के लिए लखनऊ सहित प्रदेश के 13 महानगरों में रेडियो टैक्सी योजना को लागू कर दिया है।
रेडियो टैक्सी के लिए बृहस्पतिवार से परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
परिवहन विभाग ऐसे ऑपरेटरों को ही रेडियो टैक्सी के परमिट जारी करेगा, जिसके पास न्यूनतम 10 न्यू ब्रांड सीएनजी एवं एलपीजी चालित एक हजार सीसी इंजन क्षमता के वाहन (कार) होंगे।
लेकिन, इसके लिए जीप एवं जिप्सी वाहन मान्य नहीं होंगे। इन वाहन का परमिट आवेदन करने की तारीख से ठीक एक महीने पहले ही संभागीय परिवहन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होगा। रेडियो टैक्सी में ड्राइवर सहित सात सवारी सफर कर सकेंगे।
कई शहरों को मिलेगा फायदा
वृहस्पतिवार को परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने रेडियो टैक्सी की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य परिवहन प्राधिकरण के द्वारा रेडियो टैक्सी योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद लखनऊ, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, वाराणसी, झांसी, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली एवं गोरखपुर में रेडियो टैक्सी सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
24 घंटे होगी सेवा में हाजिर
यह रेडियो टैक्सी सेवा जनता के लिए चौबीस घंटे तत्पर रहेगी। कोई भी कंट्रोल रूम के नंबर पर कॉल करके रेडियो टैक्सी को बुलाकर सफर कर सकेगा। जनता को यह सुविधा डोर टू डोर हासिल होगी। यह रेडियो टैक्सी जीपीएस एवं जीपीआरएस तकनीकी से युक्त होंगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा हो सकेगी।
इलेक्ट्रॉनिक मीटर से तय होगा किराया
यानी यात्री के परिजन कंट्रोल रूम के माध्यम से यह जानकारी हासिल कर सकेंगे कि रेडियो टैक्सी में सवार यात्री कहां पर है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को इलेक्ट्रानिक्स मीटर से किराया चुकाना होगा। यह किराया प्रति किमी के हिसाब से वसूल जाएगा जिसके रेट सरकार तय कर रही है।
उन्होंने बताया कि रेडियो टैक्सी के परमिट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदकों को इसके फॉर्म का शुल्क 500 रुपए और परमिट शुल्क के रूप में एक हजार रुपए डिपॉजिट करने होंगे।
परमिट के लिए लखनऊ में टेढ़ी कोठी स्थित परिवहन मुख्यालय में आवेदन करना होगा। इसके साथ ही विभाग की वेबसाइट www.uptransport.org रेडियो टैक्सी एवं परमिट के संबंध में पूरा विवरण है।
ड्राइवर का होगा पुलिस सत्यापन
ऑपरेटर को रेडियो टैक्सी कार का संचालन करने से पहले ड्राइवर का पुलिस से सत्यापन कराना होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए ड्राइवर का फोटो, सम्पूर्ण विवरण, संचालक कंपनी, मोबाइल नंबर को वाहन के डैशबोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा।
रेडियो टैक्सी की छत पर एलसीडी लगानी होगी, जिससे रेडियो टैक्सी डिस्प्ले हो सके। इसके अतिरिक्त रेडियो टैक्सी में प्राथमिक उपचार पेटिका, जीपीएस एव जीपीआरएस ट्रेकिंग उपकरण एवं संचालक के कंट्रोल रूम एवं ड्राइवर के मध्य संपर्क के लिए मोबाइल रेडियो होगा।
वाहन नहीं फिर भी कर सकते आवेदन
परिवहन आयुक्त ने बताया कि जिसके पास रेडियो टैक्सी वाहन नहीं हैं, तो वह भी परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे आवेदकों को राज्य परिवहन प्राधिकरण सशर्त परमिट जारी करेगा।
ऐसे आवेदकों को चार महीने के भीतर 10 रेडियो टैक्सी की व्यवस्था करनी होगी, लेकिन पांच रेडियो टैक्सी का इंतजाम होने पर उनको अस्थाई परमिट मिल जाएगा।
परमिट एवं रेडियो टैक्सी की गाइडलाइन
ऑपरेटर को रेडियो संचार के लिए कंट्रोल रूम बनाना होगापरमिट आवेदन के लिए दो लाख रुपए की बैंक गारंटी देनी होगीपहले पांच साल के लिए जारी होगा परमिट, फिर नवीनीकरणरेडियो टैक्सी के वाहन की उम्र नौ साल होगी, फिर बदलना होगावाहन में एसी एवं हीटर हर वक्त अनुरक्षित होना चाहिएवाहन के डैशबोर्ड पर इलेक्ट्रोनिक फेयर मीटर लगाना होगाड्राइवर की सफेद यूनीफॉर्म होगी एवं पी कैप पहनना पड़ेगाड्राइवर को नेम प्लेट धारण करना होगा जो वर्दी पर सिली होगी