चोरी व टप्पेबाजी की ताबड़तोड़ वारदातों के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने 18 स्थानों को चिह्नित करने के साथ गश्त पर निकली पुलिस की गाड़ियों के सायरन में बदलाव कराया है। गश्त के दौरान सायरन से डंडे की ठक-ठक के साथ ‘जागते रहो’ की आवाज इलाके में गूंजेगी। इसके साथ टप्पेबाजी को लेकर चिह्नित 18 स्थानों पर उच्च क्षमता वाले वायरलेस सेट से लैस बाइक पर पुलिस टीम तैनात की गई है। वहीं सादे कपड़ों में पुलिस व महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई है।
पुलिस व प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध नहीं रुक रहा है। खासकर महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध बढ़ता ही जा रहा है। अपराध कम करने के लिए कदम उठाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त बढ़ाने व यूपी 100 को ज्यादा सक्रिय बनाने के निर्देश दिए थे।
यहां तक कि डीजीपी ने भी कहा था कि अब रात में पुलिस गश्त लगाने के दौरान चौकीदार को स्लोगन 'जागते रहो' लगाएगी। इससे लोगों को सुरक्षा का अहसास होगा। ट्रायल की तौर पर हजरतगंज में गश्त लगाने वाले पुलिस वाहनों में 'जागते रहो' के सायरन लगाए गए हैं। अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।