डीजीपी ने कहा कि वह चाहते हैं कि गरीब और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिकों के साथ पुलिस का रिश्ता मजबूत करने के लिए थाने स्तर पर एक जनसंपर्क अधिकारी की नियुक्ति की जाए। वे समस्याएं हल की जाएं, जिनका कहीं पर भी समाधान नहीं निकल पाता है।
सोशल मीडिया से मिलीं शिकायतें का भी होगा समाधान
एडीजी रेलवे संजय सिंघल ने बताया कि सिर्फ 100 नंबर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाली शिकायतों पर भी सहायता दी जाएगी। इसमें वेबसाइट, एसएमएस और एप के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 1250 स्टेशनों पर 16 लाख से अधिक यात्री रोज सफर करते हैं। इसके लिए प्रदेश में 65 थाने और 45 चौकियां हैं। इसके अंतर्गत दो आईजी मुख्यालय इलाहाबाद और लखनऊ के साथ सभी 6 एसपी रेलवे कार्यालय को जोड़ा गया है। इन कार्यालयों में भी एक मिनी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कुल 169 तरह की इमरजेंसी सेवाएं यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस मौके पर एडीजी यूपी 100 आदित्य मिश्र, एडीजी पीएसी राज कुमार विश्वकर्मा, एडीजी प्रशासन हरि राम शर्मा, एडीजी अपराध एसके प्रताप कुमार, आईजी शिकायत प्रकोष्ठ राजा श्रीवास्तव, आईजी रेलवे विजय प्रकाश, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश समेत कई अधिकारी मौजूद थे।