प्रदेश में शिक्षक संगठनों व प्रतियोगी छात्रों के विरोध के बीच परिषदीय विद्यालयों के विलय (पेयरिंग) की कवायद गति पकड़ रही है। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग अब स्कूलों में अभिभावक शिक्षक बैठक (पीटीएम) में इसके बारे में जानकारी देगा। अभिभावकों को स्कूलों के विलय और नियमित कक्षाओं के संचालन की जानकारी देंगे। साथ ही उनके सुझाव भी लेंगे।
परिषदीय स्कूलों के विलय के विरोध में कई जिलों के ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। गोरखपुर, चित्रकूट, रायबरेली, गाजियाबाद के ग्राम प्रधानों ने कहा है कि स्कूलों के विलय होने से बच्चों को एक-दो किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। इसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है, क्योंकि अभिभावक बच्चों को इतनी दूर नहीं भेजेंगे। वहीं ज्यादा दूर यात्रा करने से बच्चों के दुर्घटना की भी आशंका बनी रहेगी। बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीतेश पांडेय ने कहा कि प्रतियोगी छात्र इसके लिए अभियान चलाएंगे।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय स्कूलों के पेयरिंग के नाम पर विलय के विरोध में जन आंदोलन चलाने की घोषणा कर दी है। इस दौरान शिक्षक ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को विद्यालय मर्ज होने से बच्चों की शिक्षा पर पड़ने वाले दुष्परिणाम से अवगत कराएंगे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि विद्यालय विलय से काफी संख्या में बच्चों को हित प्रभावित होगा। संघ के हरिशंकर राठौर व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि प्रदेश में शिक्षको को बेवजह परेशान किया जा रहा है।