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Lucknow News: सरकारी संस्थानों में अब किराये पर बुलाइए तीमारदार

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केजीएमयू की दीवार पर चस्पा परचा।  - फोटो : संवाद
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लखनऊ। सरकारी चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के लिए अब किराये पर तीमारदार मिलना शुरू हो गए हैं। संस्थानों की दीवारों पर इन सेवाओं से जुड़े परचे चिपकाए गए हैं। इन पर संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर परिजन सीधे संपर्क कर प्रशिक्षित तीमारदार की सेवाएं ले सकते हैं। हालांकि तीमारदारों को उपलब्ध कराने के लिए यह कोई पंजीकृत संस्था नहीं है।
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केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी समेत दूसरे अस्पताल परिसरों में दो से तीन दिन के अंतराल पर ऐसे परचे लगाए जा रहे हैं। इनमें दावा किया गया है कि किराये पर उपलब्ध तीमारदार मरीज की नियमित देखभाल, समय पर दवा देने, जांच के लिए ले जाने, खाना खिलाने, बैठाने-उठाने, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से समन्वय बनाने तथा अन्य दैनिक जरूरतों में मदद करेंगे। डायपर बदलने जैसी कुछ विशेष सेवाओं को छोड़कर लगभग सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। सेवा प्रदाताओं के अनुसार एक तीमारदार को आठ घंटे के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए 800 रुपये शुल्क लिया जाता है। जरूरत के हिसाब से दिन और रात दोनों शिफ्ट में भी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रात का शुल्क अलग है। यह सुविधा खासतौर पर उन मरीजों और परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो दूसरे जिलों से इलाज के लिए लखनऊ आते हैं। जिनके साथ लंबे समय तक अस्पताल में रुकने वाला कोई परिजन नहीं होता। नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्ग मरीजों के परिजनों के लिए भी यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है।


अस्पताल प्रशासन ने कहा...पहले पूरी जांच करें
अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदारों का कहना है कि मरीज के परिजन किसी भी निजी सेवा लेने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था की पहचान और विश्वसनीयता की पूरी जांच कर लें। सेवा लेने से पहले शुल्क, जिम्मेदारियां और अन्य शर्तों की स्पष्ट जानकारी कर लेना भी जरूरी है। इससे बाद में किसी तरह की असुविधा से बचा जा सकता है।
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परिजन इन बातों का भी रखें ध्यान
तीमारदार उपलब्ध कराने वाली संस्था या व्यक्ति से नियम शर्तों के बारे में लिखित में मांगें।
जो व्यक्ति मरीज की सेवा के लिए आए उसका मोबाइल नंबर और आधार जरूरत मांगें।
यदि तीमारदार जांच, दवा और इलाज के लिए कहीं और चलने के लिए कहे तो बहकावे में न आएं। अस्पताल प्रशासन से इसकी शिकायत करें।
महिला मरीज के लिए किसी महिला तीमारदार की ही मांग करें।
किसी भी दशा में सेवा के लिए एडवांस में भुगतान न करें।
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