सरकार ने सूबे के प्रमुख स्थलों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला कियाहै। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के प्रमुख स्थलों पर प्राथमिकता पर वाई-फाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों की सहूलियत के लिए प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटक स्थलों पर वाई-फाई सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाना आवश्यक हैं। उन्होंने रिलायंस जिओ कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि समय सारणी बनाकर इस कार्य को अंजाम दें।
गौरतलब है कि इस कंपनी द्वारा राज्य में 4-जी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक, श्रद्धालु आदि आते हैं।
प्रदेश सरकार इन्हें बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत वाराणसी के सभी महत्वपूर्ण घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा तथा छोटा इमामबाड़ा, डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क, जनेश्वर मिश्र पार्क , आगरा स्थित ताजमहल, शिल्पग्राम, एतमातुदौला, फतेहपुर सीकरी, दुधवा नेशनल पार्क तथा कतर्निया घाट वन्य जीव उद्यान के गेस्ट हाउस में समयबद्ध ढंग से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
फिर से बांटे जाएंगे लैपटॉप
एक और बड़े फैसले के तहत राज्य सरकार वर्ष 2015 की बोर्ड परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बांटने के लिए लैपटॉप खरीदेगी। लैपटॉप यूपी बोर्ड के साथ ही सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के मेधावियों को दिया जाना है।
कैबिनेट की बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी गई। खरीदे गए लैपटॉप में से आधे हाईस्कूल और आधे इंटर के मेधावियों को बांटे जाएंगे।
यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के लाभार्थियों की संख्या का निर्धारण छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुपात में किया जाएगा। इसमें 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक और 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों को शामिल किया जाएगा।
जिलेवार व बोर्डवार लक्ष्य निर्धारित होने पर संबंधित जिले के डीआईओएस स्कूलों के प्रधानाचार्यों से मेधावी छात्र-छात्राओं की सूचियां प्राप्त करेंगे। जिले स्तर पर मेधावी छात्र-छात्राओं की अलग-अलग सूची तैयार की जाएगी। अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति, जनजातियों का प्रतिनिधित्व दोनों सूचियों में संयुक्त रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति तैयार की गई सूचियों की समीक्षा करेगी। इसके अनुसार लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश की सत्ता संभलने के बाद अखिलेश यादव की सरकार ने इंटर पास सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी, लेकिन इसे बाद में इसे बंद कर दिया गया। पिछले साल इस योजना का स्वरूप बदलते हुए हाईस्कूल व इंटर पास मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने की योजना शुरू की गई। उस समय राज्य सरकार ने पूर्व में खरीदे गए 15 लाख में बचे हुए लैपटॉप को मेधावियों को बांटा था।