कमता और फैजुल्लागंज में पोल लगाते बिजली कर्मी।
लखनऊ। राजधानी के नवविकसित और ग्रामीण इलाकों में अब बांस-बल्ली पर बिजली नहीं दौड़ेगी। इसके लिए खंभे और एबीसी का इंतजाम हो गया है। जिला प्रशासन ने नव विकसित इलाकों से बांस-बल्ली हटाने का फैसला लिया था, जिसका शुभारंभ हो गया है। इसके लिए चारों जोन को करीब तीन करोड़ रुपये की रकम मिली है। हालांकि, चालू वित्तीय वर्ष की निधि मिलनी बाकी है।
अमर उजाला ने इस मुद्दे पर खबर प्रकाशित की थी, जिसका जिम्मेदारों ने संज्ञान लिया और झटपट काम भी शुरू कर दिया। बांस-बल्ली हटाकर खंभे व एबीसी लगाने का काम सबसे पहले बीकेटी व कमता इलाकों में शुरू किया गया है। इस कार्य में तेजी लाने के लिए ठेकेदारों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
साथ ही, इस व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए अब जो बांस-बल्ली पर कनेक्शन देगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश हुए हैं। वर्तमान में शहर के चौतरफा नवविकसित इलाकों में 70-80 हजार कनेक्शन बांस-बल्ली के सहारे चल रहे हैं। बारिश में बांस-बल्ली या सर्विस केबल टूटने से जानलेवा दुर्घटनाएं होने का अंदेशा रहता है।
सुधार से लाभ
विश्वसनीयता में वृद्धि :
आधुनिक केबल और खंभे मौसम की मार को बेहतर ढंग से झेलने में सक्षम होते हैं, जिससे बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
सुरक्षा में सुधार : एबीसी केबल के उपयोग से बिजली के झटके लगने या शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे जनता और बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
विद्युत हानि में कमी
: आधुनिक तकनीक विद्युत हानि को कम करने में मदद करती हैं, जिससे ऊर्जा की बचत होगी और बिजली की गुणवत्ता बेहतर होगी।
सुंदरीकरण
: बिजली की तारों का अव्यवस्थित जाल हटने से शहरी की सुंदरता में भी सुधार होगा।
Iजिला विकास निधि से बांस-बल्ली को हटाकर खंभे व एबीसी के जरिये बिजली लाइन बनाने का काम बीकेटी क्षेत्र में शुरू कराया गया है। कमता में भी बांस-बल्ली हट रहे हैं। इसके लिए सभी जोन को निधि मिली है।I
I- वीपी सिंह, मुख्य अभियंता जानकीपुरम जोन व नोडल अधिकारीI
कमता और फैजुल्लागंज में पोल लगाते बिजली कर्मी।