राजधानी में इलेक्ट्रिक सिटी बस के बाद अब इलेक्ट्रिक ऑटो-टैंपो (विक्रम) चलाने की तैयारी है। कंपनी ने इसके पंजीकरण के लिए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय (आरटीओ) में आवेदन किया है। इस पर आगे की कार्रवाई शुरू हो गई है।
इनके संचालन से जहां सीएनजी की खपत कम होगी, वहीं यात्रियों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी। हालांकि सीएनजी ऑटो-टैंपो के सापेक्ष इनकी कीमत कुछ अधिक है। ऑटो-टैंपो की कीमत क्रमश 3.50 लाख और आठ लाख रुपये बताई जा रही है।
इन्हें चार्ज होने में तीन घंटे का समय लगेगा और एक बार की चार्जिंग में 100 किमी से अधिक दूरी तक चलेगा। संभागीय परिवहन कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक ऑटो-टैंपो को चार्ज करने वाली बैटरी महंगी है। वाहनों की कीमत में 40 फीसदी लागत यानी दो से तीन लाख रुपये बैटरी चार्जिंग सिस्टम के शामिल हैं।
परमिट लेने की नहीं होगी जरूरत
इलेक्ट्रिक ऑटो-टैंपो खरीदने के बाद मालिकों को उसका संचालन कराने के लिए परमिट की जरूरत नहीं पड़ेगी। मालिकों को ई-रिक्शा की तर्ज पर आरटीओ में महज पंजीकरण करना होगा। हालांकि ड्राइविंग लाइसेेंस जरूरी है।
कंपनी ने किया है आवेदन
लखनऊ परिक्षेत्र परिवहन विभाग के आरटीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक ऑटो-टैंपो चलाने के लिए एक कंपनी ने आवेदन किया है। परिवहन अधिकारियों के द्वारा इसकी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।