डेंगू : अब 400 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग रोज
- अक्तूबर के पहले सप्ताह से अभी तक मांग में तीन गुना वृद्धि, सबसे ज्यादा मांग निगेटिव ग्रुप की
- 40 प्रतिशत मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की पड़ रही जरूरत
- ब्लड बैंक प्रभारी बोले, अभी तो स्टॉक, पर आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है संकट
हाइलाइटर्स
- 2000 यूनिट ब्लड केजीएमयू के पास
- 1200 यूनिट ब्लड पीजीआई के पास
- 800 यूनिट ब्लड लोहिया के पास
- 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं डेंगू के
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राजधानी में डेंगू का डंक तेज होता जा रहा है। इसके चलते जहां मरीजों की संख्या बढ़ी है वहीं, अक्तूबर के पहले सप्ताह से अब तक प्लेटलेट्स की मांग में ढाई से तीन गुना तक की वृद्धि हो गई है। सरकारी से लेकर निजी ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स व सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) के लिए कतारें लगी हुई हैं। अब रोज करीब 400 यूनिट प्लेटलेटस की मांग आ रही है। सबसे ज्यादा मांग निगेटिव ग्रुप की है।
ब्लड बैंक प्रभारियों का कहना है कि अभी तक खून का स्टॉक ठीक है, अगर ऐसे ही मामले आते रहे तो आने वाले कुछ दिनों में दिक्कत बढ़ सकती है। शहर में डेंगू के करीब 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 40 प्रतिशत मरीजों के प्लेटलेट्स कम होेने पर उन्हें प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं।
केजीएमयू के ब्लड बैंक से रोज 200 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग है। जो बीते दिनों की अपेक्षा तीन गुना बढ़ चुकी है। केजीएमयू की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि इन दिनों सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की मांग कई गुना बढ़ गई है। ब्लड बैंक में अभी कोविड जैसे हालात नहीं बने हैं। बताया कि अभी ब्लड बैंक में करीब दो हजार यूनिट खून है। सिर्फ निगेटिव ग्रुप का संकट है।
लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया ब्लड बैंक में अब हर रोज करीब 50 से अधिक यूनिट प्लेटलेट्स की मांग आ रही है। बीते माह की अपेक्षा ढाई गुना मांग बढ़ गई है, हालांकि अभी खून का कोई संकट नहीं है। ब्लड बैंक में अभी करीब 800 यूनिट ब्लड है।
उधर, पीजीआई ब्लड बैंक के प्रभारी प्रो. अनुपम वर्मा ने बताया करीब 70 यूनिट हर दिन रेंडम डोनजर प्लेटलेट्स (आरडीपी) की मांग है। जबकि एसडीपी की पांच से छह यूनिट मांग आ रही है। बताया कि ब्लड बैंक में 1200 यूनिट ब्लड है।
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक में मांग दोगुनी
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक से भी प्लेटलेट्स की मांग दोगुनी हो चुकी है। करीब दो हफ्ते पहले तक अस्पतालों में प्लेटलेट्स की मांग कम थी। बलरामपुर अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अब अस्पताल में करीब 20 यूनिट ब्लड की मांग रोज की है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि अब अस्पताल में रोज आठ से दस यूनिट की मांग है।
निजी ब्लड बैंक से रोज करीब 100 यूनिट की मांग
शहर के निजी ब्लड बैंक से भी प्लेटलेट्स व एसडीपी की मांग बढ़ चुकी है। निजी ब्लड बैंकों से अस्पतालों में करीब 100 यूनिट से अधिक प्लेटलेट्स जा रही हैं। सबसे अधिक दिक्कत निगेटिव ग्रुप की प्लेटलेट्स लेने में आ रही है।
सितंबर में कम रहा डेंगू का सितम
सितंबर माह में डेंगू का सितम अधिक नहीं रहा। अक्तूबर की शुरूआत से ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी थी। दूसरे हफ्ते से पहले प्लेटलेट्स की मांग दो गुना तक बढ़ गई। जो अब करीब ढाई से तीन गुना तक पहुंच चुकी है।