नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर अब दिल्ली की तर्ज पर व्हील लॉक लगाए जाएंगे। चालान कटवाने के बाद ही लॉक खुलेंगे।
डीआईजी नवनीत सिकेरा ने चार पहिया वाहन चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक सुधार के लिए यह पहल की है।
15 फरवरी से ट्रैफिक पुलिस इसकी शुरुआत करेगी। डीआईजी ने बताया कि सड़क पर नो पार्किंग का बोर्ड लगा होने के बाद भी लोग वाहन खड़े कर देते हैं। ऐसे वाहनों के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है। क्रेन से वाहन उठाने पर उनके क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।
इसके साथ ही वाहन गायब देख मालिकों को चोरी की भी आशंका होती है। ऐसे में वाहन स्वामी परेशान होकर इधर-उधर भटकते हैं।
बाद में पता चलता है कि गाड़ी ट्रैफिक पुलिस ले गई है। डीआईजी ने कहा कि क्रेनों के कम होने से हर जगह पर नो पार्किंग जोन से वाहन नहीं उठाए जा सकते।
अमीनाबाद जैसे भीड़ भरे बाजार में क्रेन पहुंच भी नहीं पाती, इसलिए लोग निश्चिंत होकर वाहन सड़क पर खड़ा कर देते हैं। डीआईजी ने बताया कि इससे निपटने के लिए दिल्ली की तर्ज पर 100 व्हीकल व्हील लॉक मंगाए गए हैं।
लॉक नो पार्किंग में खड़ी गाड़ी पहिए पर लगा दिया जाएगा इससे गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकेगी। साथ ही कार की ड्राइविंग सीट वाले शीशे पर एक पर्ची लगा दी जाएगी जिसमें ट्रैफिक कंट्रोल रूम का नंबर 1073 सहित अन्य निर्देश लिखे रहेंगे।
गाड़ी मालिक को 1073 नंबर पर संपर्क करना होगा। वहां से उसे नजदीकी पुलिस चौकी अथवा ट्रैफिक बूथ पर जाने के निर्देश दिए जाएंगे।
वाहन स्वामी वहां पहुंचे चालान कटवाएंगे,इसके बाद गाड़ी का व्हीकल लॉक खुलेगा। डीआईजी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।