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बिल्डरों से वसूला जाएगा विकास शुल्क

Mon, 24 Feb 2014 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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नगर निगम अब बहुमंजिला बिल्डिंगों के नक्शे की एनओसी तभी देगा जब बिल्डर जनसुविधा पर आने वाले भार को दूर करने वाले खर्च की भरपाई करेगा।
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रविवार को बजट पास करने के लिए बुलाई गई नगर निगम सदन में यह प्रस्ताव पास कर दिया गया।

पार्षद अतुल यादव ‘बंटू’ ने सदन में यह मसला उठाया कि बिल्डर पुराने एकल आवासीय मकानों और बंगलों को खरीदकर उन पर अपार्टमेंट बना रहे हैं।

इससे संबंधित क्षेत्र की सीवर व पेयजल की सुविधाओं पर भार पड़ रहा है। सपा पार्षद दल के नेता यावर हुसैन रेशू ने भी यह मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि जिस लाइन में पहले एक घर का सीवर जाता था अपार्टमेंट बनने के बाद उसमें सैकड़ों घरों का सीवर जोड़ दिया जाता है। ऐसे में उस पूरे क्षेत्र का सीवर सिस्टम फेल हो जाता है।

जो सीवर लाइन पहले से बिछी हैं वह उस समय की जरूरत की हिसाब से डाली गईं थीं। लालकुआं, नजरबाग, पुराना हैदरगंज, चारबाग, नरही, पार्क रोड हुसैनगंज आदि तमाम इलाके हैं जहां अपार्टमेंट बनने के बाद यह समस्या बढ़ गई है।
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इस पर नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने कहा कि पेयजल व सीवर सिस्टम फेल होने के साथ ही अपार्टमेंट निर्माण के दौरान उस क्षेत्र की सड़कें भी खराब होती हैं।

इसको देखते हुए अब यह बिल्डरों के मानचित्र को एनओसी तभी दी जाएगी जब वे अपार्टमेंट निर्माण के दौरान उस क्षेत्र में सड़क, सीवर व पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर आने वाला खर्च वहन करेंगे।
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नगर आयुक्त ने कहा कि अपार्टमेंट बनने के बाद पेयजल के लिए कितनी क्षमता के नलकूप और सीवर के लिए कितने व्यास की सीवर लाइन बिछाने की जरूरत होगी यह आंकलन जलकल विभाग करेगा।

उस पर आने वाले खर्च की गणना करेगा। इसी तरह नगर निगम यह आंकलन करेगा कि निर्माण के दौरान जो सड़क खराब होगी उसकी मरम्मत पर कितना पैसा खर्च होगा।

जब बिल्डर यह पैसा जमा कर देगा उसी के बाद एनओसी दी जाएगी। इसके लिए एनओसी वास्तुविद नहीं बल्कि अपर नगर आयुक्त स्तर से जारी होगी।

जलकल की एनओसी अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव और नगर निगम की अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज जारी करेंगे।
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