ग्रहों की चाल ने शादियों पर लगाया ब्रेक, अब 22 अप्रैल से ही बैंड-बाजा-बरात
लखनऊ। हर साल मकर संक्रांति के बाद खरमास के खत्म होते ही सहालग का दौर शुरू हो जाता था। बैंड, बाजा और बरात का यह दौर होली तक चलता था, लेकिन इस बार ग्रहों की चाल ने शादी समारोह पर ब्रेक लगा दिया है। ऐसा मकर संक्रांति के बाद गुरु व शुक्र के बारी-बारी से अस्त होने होने के कारण हो रहा है। अब अप्रैल के तीसरे सप्ताह से ही सहालग मिल पाएगी।
गोमती नगर निवासी आचार्य प्रदीप तिवारी ने बताया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ ही 15 दिसंबर से चल रहा खरमास समाप्त हो जाएगा। हर साल मकर संक्रांति से सहालग शुरू हो जाती थीं, लेकिन इस बार ज्योतिषीय संयोग के चलते ऐसा नहीं होगा। क्योंकि 16 जनवरी को गुरु अस्त हो जाएंगे, जो 12 फरवरी को उदय होंगे। वहीं, 17 फरवरी में शुक्र लगभग दो महीने से अधिक समय के लिए अस्त हो जाएंगे। मार्च के मध्य में सूर्य के मीन राशि में जाने पर (खरमास) लग्न नहीं मिलेगी। अमूमन ऐसे संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से 40-50 साल बाद पड़ते हैं। आचार्य प्रदीप ने बताया सहालग के दौर में लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में सामान्य तौर पर हर दिन औसतन एक हजार शादी-विवाह के आयोजन होते हैं। इनमें पंडित व्यस्त रहते हैं, लेकिन इस साल अप्रैल तक खाली ही रहेंगे। 22 अप्रैल से विवाह मुहूर्त मिलेंगे। 15 जुलाई तक लगभग 35 से अधिक मुहूर्त हैं।