आम आदमी पार्टी को नेशनल पार्टी बनाने का ख्वाब देख रहे अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। टिकट लौटाने वाले उनके सिपाहियों की संख्या अब पांच हो गई है।
उत्तर प्रदेश में बड़े नेताओं को चुनौती देने के लिए अरविंद ने जो सेना तैयार की, उसके ही सिपाही बीच राह में ही विजय रथ से उतरते जा रहे हैं।
ताजा मामला है यूपीए सरकार में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की लोकसभा सीट फर्रूखाबाद से। सोमवार को, आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुकुल त्रिपाठी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर संगीन आरोप लगाते हुए टिकट लौटा दिया है।
इसके अलावा, पिछले दिनों लखीमपुर खीरी से पार्टी के दिग्गज व सबसे वरिष्ठ नेताओं में एक इलियास आजमी ने भी टिकट लौटा दिया था। चंडीगढ़ से सविता भट्टी पहले ही टिकट लौटा चुकी हैं।
मुकुल त्रिपाठी ने लगाए गंभीर आरोप
पत्रकार से नेता बने मुकुल त्रिपाठी ने अमर उजाला से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की कि उन्होंने पार्टी का टिकट लौटा दिया है।
मुकुल ने पार्टी के मैनेजमेंट पर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में उन्हें कतई समर्थन नहीं मिल रहा था। बकौल मुकुल, 'संजय सिंह को कई बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन तक उठाने की जहमत नहीं उठाई। लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी भी सिर्फ 5 फीसदी वोट चाहते हैं, ताकि पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाए।'
मुकुल के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं मिल रहा था। जब नेतृत्व से भी कोई समर्थन मिलता नहीं दिखा, तो मैंन चुनाव न लड़ने का फैसला किया।
अरविंद ने भी मुकुल के साथ रोड शो में कहा था कि उन्होंने मुकुल त्रिपाठी की विकलांगता को देखते हुए उन्हें टिकट दिया था और चाहते थे कि वे संसद में खुर्शीद को हराकर पहुंचें।
इलियास भी चल रहे थे नाराज
पार्टी के दिग्गज नेता इलियास आजमी ने भी पिछले दिनों लखीमपुर से टिकट लौटाकर अरविंद की दिक्कतें बढ़ा दी हैं।
दरअसल, लखनऊ लोकसभा सीट से पार्टी आदर्श शास्त्री को चुनाव लड़ाना चाहती है। कुछ समय पहले हुई पीएसी की बैठक में सब कुछ तय भी हो गया।
लेकिन बाद में पीएसी के सदस्य इलियास आजमी ने पेंच फंसा दिया। दो बार सांसद रहे इलियास को पार्टी ने लखीमपुर खीरी से टिकट दिया गया था। लखनऊ से टिकट न मिलने पर आजमी नाराज चल रहे थे।
लेकिन इलियास ने लखीमपुर खीरी सीट से लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने लखनऊ सीट पर अपना ‘वीटो’ लगाते हुए यही से चुनाव लड़ने की बात कही।
ये पांच नेता लौटा चुके हैं टिकट
इन तीन नेताओं के अलावा भी दो नेता अरविंद को टिकट लौटा चुके हैं। उत्तर-पश्चिम दिल्ली से आप के उम्मीदवार महेंद्र सिंह भी राखी बिड़लान पर आरोप लगाकर टिकट लौटा चुके हैं।
महेंद्र सिंह ने राखी पर पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए टिकट लौटाया था, जिसकी वजह से पार्टी की छवि को भी करारा झटका लगा था।
यूपी के ही फैजाबाद से पार्टी के उम्मीदवर इकबाल मुस्तफा भी टिकट लौटा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, फैजाबाद में भी इकबाल को स्थानीय समर्थन न मिलने के चलते ही यह कदम उठाना पड़ा था।
कुछ ऐसे ही आरोप जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी ने भी लगाए थे और अरविंद को टिकट लौटा दिया था। अब उनकी जगह गुल पनाग चुनाव लड़ रही हैं।