रायबरेली। ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने में कोताही करने वाले निजी विद्यालयों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जिला स्तर पर हुई समीक्षा में छह ऐसे विद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जहां अपार आईडी बनाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या भी अधिक है, जिससे जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं है।
कई बार निर्देश देने के बाद भी सक्रियता नहीं दिखी तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को छह निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। तीन दिन के भीतर सभी बच्चों की अपार आईडी बनाने के आदेश दिए। अपार आईडी बनाने में विभागीय अफसरों का ज्यादा जोर सरकारी स्कूलों में काम पूरा कराने की तरफ रहा। निजी स्कूलों की भी समीक्षा होती रही।
लापरवाह स्कूलों को निर्देश दिए जाते रहे, ताकि जल्द से जल्द सभी बच्चों की अपार आईडी बन सके। इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल अपार आईडी बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसीलिए अब प्राइवेट स्कूलों में भी अपार आईडी बनाने का काम तेजी से कराने के लिए विद्यालयवार समीक्षा शुरू हो गई है। काम शुरू न करने वाले जिले के छह निजी विद्यालयों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया है। तीन दिन में काम पूरा कर प्रमाणपत्र देते हुए यह बताना होगा कि उनके यहां कोई छात्र अपार आईडी से वंचित नहीं है।
जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि रेयान पब्लिक स्कूल राही में 877, लियो काॅन्वेंट स्कूल नगर क्षेत्र में 444, सिद्धि विनायक पब्लिक स्कूल बेहटा कला लालगंज में 275, प्रज्ञा एकेडमी लालगंज में 269, एमपी एजुकेशनल एकेडमी शिवगढ़ में 217 और हिन्द पब्लिक स्कूल डीह में 187 बच्चे पढ़ाते हैं। इन सभी की अपार आईडी बननी है, लेकिन अभी तक प्रगति शून्य है।
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छह प्राइवेट स्कूलों ने अपार आईडी बनाना शुरू नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी कर बीईओ के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। काम पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।