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सीएम योगी सख्त: जमीन पैमाइश पर खेल बर्दाश्त नहीं, मौजूदा और पूर्व DM को नोटिस, IAS और तीन PCS हो चुके निलंबित

Fri, 15 Nov 2024 12:05 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखीमपुर खीरी जिले की जमीन पैमाइश मामले में लापरवाही बरतने पर डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और पूर्व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को नोटिस जारी किया गया है। नियुक्ति विभाग ने जवाब तलब किया है। पूछा कि समीक्षा के दौरान मामले को क्यों नहीं देखा गया?
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सीएम योगी - फोटो : स्त्रोत- गोरखनाथ मंदिर
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में जमीन पैमाइश मामले में नियुक्ति विभाग ने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और पूर्व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को नोटिस दिया गया है। राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों से पर्यवेक्षीय शिथिलता और लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में इससे पहले एक आईएएस और तीन पीसीएस अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है

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लखीमपुर खीरी में छह वर्षों तक जमीन पैमाइश लटकाए रखी गई। मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा। उन्होंने घूस मांगने के मामले की जांच शुरू करा दी। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नियुक्ति विभाग ने इसके आधार पर पूरी रिपोर्ट मांगी थी। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चार अधिकारियों (एक आईएएस और तीन पीसीएस) बुधवार को निलंबित कर दिया गया।

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समीक्षा के दौरान क्यों नहीं देखा गया

अब इस मामले में लखीमपुर खीरी की मौजूदा डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और पूर्व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह से जवाब तलब किया गया है। महेंद्र बहादुर सिंह अक्तूबर 2021 से जून 2024 तक डीएम रहे। जबकि, दुर्गा शक्ति नागपाल 25 जून 2024 से डीएम हैं। नियुक्ति विभाग ने इन दोनों अधिकारियों से पूछा है कि छह वर्ष से लटके पैमाइश के मामले को समीक्षा के दौरान क्यों नहीं देखा गया।

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सीएम योगी का है स्पष्ट आदेश

मामले में सीएम ने स्पष्ट आदेश दिया है कि राजस्व के गैर-विवादित मामलों के लिए लोगों को दौड़ाया नहीं जाएगा। उनकी सुनवाई कराते हुए निस्तारण कराया जाएगा। जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर माह इसकी स्वयं समीक्षा करेंगे। देखेंगे कि कोई मामला बिना वजह तो नहीं लटाया जा रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वेश्वर दयाल ने भाजपा विधायक योगेश वर्मा से मिलकर आरोप लगाया था कि वह छह साल से दौड़ रहे हैं, लेकिन उनकी जमीन की पैमाइश नहीं कराई जा रही है।
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