सरकार जनसमस्याओं की अनदेखी और प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले डीएम व एसपी पर सख्त हो गई है।
प्रदेश सरकार जनसमस्याओं की अनदेखी और प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले डीएम व एसपी पर सख्त हो गई है।
इस मामले में सरकार ने आठ जिलाधिकारियों व 10 पुलिस कप्तानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुधवार को सीएमओ से जिलों में फोन करके जानकारी ली गई कि डीएम व पुलिस कप्तान जनता से मिलकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं या नहीं।
इसमें आठ डीएम व 10 जिलों के पुलिस कप्तान निर्धारित समय पर अपने दफ्तर से नदारद मिले।
जिलों में तैनात अफसरों के इस रवैये पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित न रहने वाले व जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जबकि संभल के डीएम किसी बैठक में मौजूद होने के कारण बच गए।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से पहले ही अधिकारियों को हिदायत दी जा चुकी है कि वे अपने कार्यालयों में प्रत्येक कार्य दिवस पर सवेरे 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपस्थित रहकर जनता की समस्याएं सुनें और उसका समाधान कराएं।
सूत्रों का कहना है कि शासन अब ऐसे अफसरों को बख्शने के मूड में नहीं है, जिनके कारण सरकार की छवि खराब हो रही है।
लिहाजा प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को जिलों से हटाया भी जा सकता है।
इन जिलों के डीएम को नोटिस जारी
गोरखपुर, इटावा, बरेली, जौनपुर, गोंडा, बलिया, मिर्जापुर व फीरोजाबाद।
इन जिलों के पुलिस कप्तानों को नोटिस जारी
महराजगंज, अमेठी, शाहजहांपुर, महोबा, शामली, ललितपुर, श्रावस्ती, उन्नाव, मऊ व अमरोहा।