लखनऊ। राजधानी में आम उपभोक्ता ही नहीं, सेवानिवृत्त बिजली कर्मी भी कई महीनों से बिजली बिल जमा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की संख्या लगभग 10 हजार है। इनमें से कुछ वर्टिकल सिस्टम लागू होने के बाद दिसंबर से, जबकि कई अगस्त से बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं।
इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण बताए जा रहे हैं। पहला, विभाग की ओर से लगाए गए मीटरों की सिस्टम पर फीडिंग न होना। दूसरा, वर्टिकल सिस्टम में सेवानिवृत्तों की आईडी अब तक जनरेट न होना। इन तकनीकी समस्याओं के कारण बिल बनने में बाधा आ रही है।
भटक रहे ये कर्मचारी
केस 1 : एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड निवासी सेवानिवृत्त कर्मी गौरीशंकर का बिल पहले हर महीने की एक से आठ तारीख के बीच बन जाता था, लेकिन अब उन्हें दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कार्यालय जाने पर उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। -
केस 2 :
वृंदावन क्षेत्र के सेवानिवृत्त लेखाधिकारी एके श्रीवास्तव कभी दूसरों के बिल बनवाने में मदद करते थे, मगर अब वह खुद का बिल बनवाने के लिए दो माह से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
केस 3
: नादरगंज निवासी महेश यदुवंशी के आवास पर अगस्त में मीटर लगने के बाद 20,080 रुपये का गलत बिल बना दिया गया, जिसे सही कराने के लिए वे तब से भागदौड़ कर रहे हैं।
केस 4 : एलडीए की पेपरमिल भीखमपुर कॉलोनी निवासी ममता निगम भी कई माह से बिल जमा नहीं कर पाई हैं। उनकी आईडी वर्टिकल सिस्टम में जनरेट न होने से उनका बिजली बिल अटका हुआ है।
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इसी तरह सेवानिवृत्त कर्मचारी रूप कुमार मिश्र ने बताया कि इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाले लगभग 250 सेवानिवृत्त कर्मी भी एक हफ्ते से बिल के लिए भटक रहे हैं।
सेवानिवृत्तों की नहीं हो रही सुनवाई : कप्तान सिंह
विद्युत पेंशनर्स परिषद के प्रमुख महासचिव कप्तान सिंह ने बताया कि राजधानी में लगभग दस हजार सदस्य हैं। इनमें से अधिकांश के घरों में पावर कॉर्पोरेशन के आदेश पर मीटर लगाए गए थे। हालांकि, ये सभी मीटर सिस्टम पर फीड नहीं हो पाए हैं। जिन मीटरों की फीडिंग हुई भी है, उनके बिल गलत बन रहे हैं। वर्टिकल सिस्टम में सेवानिवृत्तों की आईडी जनरेट न होने से बिल बनने की प्रक्रिया रुकी हुई है। सेवानिवृत्त अपनी दोनों समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास जा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
Iसेवानिवृत्तों की बिल संबंधी समस्याओं के संज्ञान में आने पर बुधवार को ही अधीक्षण अभियंता और अन्य जिम्मेदारों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान लगाए गए मीटरों की समीक्षा की गई और सेवानिवृत्तों के बिजली बिल बनवाने के निर्देश दिए गए। I
I- सुशील गर्ग, मुख्य अभियंता, गोमतीनगर जोनI