पूर्व सांसद व माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने कहा कि नरेंद्र मोदी आरएसएस की पसंद हैं।
उन्हें हिंदू राष्ट्र स्थापित करने के एजेंडे के तहत प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया है। वृंदा करात रविवार को राजधानी में आयोजित ‘सांप्रदायिकता के खिलाफ अवाम की प्रतिध्वनि’ सम्मेलन में मुख्य वक्ता थीं।
उन्होंने कहा कि संघ चाहता है कि इस बार लोकसभा चुनाव में धर्म के आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण हो जाए। इसी के तहत कई जगह दंगे भी कराए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा अपराध में भी जाति-धर्म खोज लेती है।
मुजफ्फरनगर में बहू-बेटी बचाओ सम्मेलन इसी का हिस्सा है। करात ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर हमेशा से अल्पसंख्यक युवाओं को ही निशाना बनाया जाता है।
पटना ब्लास्ट के नाम पर रांची में 50-60 अल्पसंख्यक परिवारों को सताया जा रहा है, लेकिन जब हिंदू आतंकवादी निर्दोष लोगों को मारते हैं तो भाजपा चुप्पी साध लेती है।
कांग्रेस-भाजपा एक सिक्के के दो पहलू
उन्होंने कहा कि भाजपा व कांग्रेस एक सिक्के के दो पहलू हैं। नव उदारवाद की नीति पर दोनों का एक ही चेहरा नजर आता है। दोनों ही दल कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बनाते हैं। कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार व भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। इसके लिए तीसरा विकल्प बहुत जरूरी है।