कानपुर के बिकरू निवासी विकास दुबे के भाई दीप प्रकाश की तलाश में जुटी कृष्णानगर पुलिस ने संपत्ति के कुर्की की नोटिस चस्पा कर दिया है। पुलिस ने गैर जमानती वारंट भी हासिल कर लिया है और दीप की तलाश में कई जगह दबिश दे चुकी है, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस अब उसे भगोड़ा घोषित करने की तैयारी में जुट गई है।
मालूम हो कि कानपुर के बिकरू में तीन जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने गिरोह के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। कुछ दिन बाद पुलिस ने दस जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। जबकि उसके भाई कृष्णानगर निवासी दीप प्रकाश के घर से एक सरकारी नंबर की अंबेसडर कार बरामद की थी। जो वृंदावन कॉलोनी निवासी विनीत पांडेय की थी।
विनीत ने पांच जुलाई को कोतवाली में उसकी अंबेसडर कार धमकाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें विकास दुबे और उसके भाई दीप प्रकाश को आरोपी बनाया था। तत्कालीन डीसीपी मध्य ने दीप प्रकाश की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर धीरेंद्र कुमार उपाध्याय के मुताबिक, गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल किया है। कुर्की की कार्रवाई के लिए भी उन्होंने दीप प्रकाश के घर पर 82 का नोटिस चस्पा कर दिया है। क्रइम ब्रांच की भी टीम इनामी दीप प्रकाश की गिरफ्तारी में लगी है।