फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हवा में कम घुला जहर पर शोर बेशुमार

Tue, 28 Oct 2014 01:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
दीपावली पर इस बार राजधानी में वायु प्रदूषण में तो कुछ कमी आई, लेकिन पटाखों के शोर से ध्वनि प्रदूषण में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञापन


पिछले वर्ष के तुलना में इस बार दीपावली पर वायुमंडल में हानिकारक तत्वों में 7.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

तो शहर के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले त्यौहार वाली रात 40 से 10 फीसदी अधिक कानफोड़ू शोर दर्ज किया गया।

यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के आंकड़ों में ये सच सामने आए हैं। वैसे वायु प्रदूषण में गिरावट को लेकर वैज्ञानिकों ने संतोष जताया है।
 
उनका कहना है कि भले ही यह अंतर बड़ा नहीं है, लेकिन वायु प्रदूषण में मिले इस सुधार को भविष्य में बेहतर सुधार के संकेत के तौर पर देखा जाना चाहिए।
विज्ञापन

रिहायशी इलाकों में दिखा सुधार

यूपीपीसीबी की केंद्रीय लैब ने सोमवार को दीपावली के बाद वायु प्रदूषण के आंकड़ों की रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट के मुताबिक, पटाखों की वजह से होने वाले प्रदूषण में कमी आई है।

इसमें सांस के रास्ते शरीर में चले जाने वाले सूक्ष्म कण (पार्टिक्यूलेट मैटर, पीएम-10) के साथ सल्फर डाई ऑक्साइड (एसओटू) और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड (एनओटू) में काफी गिरावट आई है।
 
आंकड़ों के मुताबिक, पीएम-10 में जहां रिहाइशी इलाके  में 4.8 प्रतिशत की कमी मिली है। वहीं एनओटू में 7.7 प्रतिशत की कमी दिखी। कॉमर्शियल क्षेत्र में भी पीएम-10 में 3.2 प्रतिशत की गिरावट हुई।

वहीं एनओटू में यह कमी 5.8 प्रतिशत की रही। एसओटू में रिहाइशी और जगह क्रमश: 7.3 प्रतिशत और 2.6 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

यूपीपीसीबी के वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. अशोक वर्मा का कहना है कि वायु प्रदूषण में कमी आकाश में दगाने जाने वाले पटाखों के ज्यादा इस्तेमाल से भी हो सकता है।

अनार या दूसरे ऐसे पटाखों से सूक्ष्मकण और प्रदूषण फैलाने वाले हानिकारक तत्व जमीन के पास वाले वायुमंडल में रह जाते हैं, जो अधिक वायु प्रदूषण पैदा करते हैं।

वहीं रात 12 बजे के बाद हवा के बहने से भी परिणाम अच्छे देखने को मिले।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें