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रूमी गेट से बंद होगी वाहनों की आवाजाही, तांगा से कीजिए सवारी

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अतुल भारद्वाज
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अवध के स्वर्णिम इतिहास से पर्यटकों को रूबरू कराने और ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान से बचाने के लिए रूमी गेट से वाहनों की आवाजाही बंद होगी। यहां सिर्फ तांगे चलाए जाएंगे।
इसके लिए पूरे हुसैनाबाद ट्रस्ट क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। इसके लिए जरूरी वैकल्पिक रूट दिए जाने के लिए भी एलडीए ने काम शुरू करा दिया है। ग्रीन कॉरिडोर के साथ ही इस वैकल्पिक रूट को तैयार किया जाएगा।
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एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि हुसैनाबाद ट्रस्ट क्षेत्र में बड़ा इमामबाड़ा, आसिफी मस्जिद, रूमी गेट, सतखंडा, घंटाघर, छोटा इमामबाड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। इनको सुरक्षित बनाए जाने के साथ पर्यटकों को भी इनके महत्व और अवध के गौरवशाली इतिहास से रूबरू करना जरूरी है।
इसीलिए टीले वाली मस्जिद से लेकर रूमी गेट, घंटाघर होते हुए छोटा इमामबाड़ा तक पूरे इलाके को नो व्हीकल जोन घोषित किया जाना जरूरी है।
इसके बाद ही संरक्षित इमारत रूमी गेट के अंदर से भी वाहनों का आवागमन बंद हो पाएगा। खुद पुरातत्व विभाग भी वाहनों की आवाजाही से रूमी गेट को नुकसान होने के लिए रिपोर्ट कर चुका है।
एलडीए के सचिव पवन गंगवार ने बताया कि एक सर्वे यहां ग्रीन कॉरिडोर पर काम कर रही पीआईयू की टीम ने शुरू किया है।
पीआईयू के तकनीकी सदस्य एके सेंगर और आर्किटेक्ट सदस्य मेहर सिंह की टीम सर्वे के बाद रिपोर्ट देगी कि किस तरह से यहां वाहनों को आने-जाने से रोककर उनको वैकल्पिक रूट दिया जा सकता है।
कोशिश है कि इस पूरे ट्रैफिक को नदी के किनारे बनने वाले ग्रीन कॉरिडोर और इसकी सर्विस लेन पर शिफ्ट कर दिया जाए। वैकल्पिक रूट इस तरह से तैयार होगा कि किसी भी आबादी को इससे आने-जाने में दिक्कत न हो।
दो लाख की आबादी गुजरती है यहां से
रूमी गेट से होकर अभी करीब दो लाख की आबादी आवागमन करती है। प्रमुख रूप से इसमें चौक, दुबग्गा, ठाकुरगंज, मुफ्तीगंज, हुसैनाबाद, सज्जादबाग, मुसाहिबगंज, लाजपतनगर, दौलतगंज इलाकों के लोग शामिल हैं। यही वजह है कि यहां पूरे दिन वाहनों का रेला बना रहता है। एलडीए की योजना है कि यहां केवल तांगे ही चलाए जाएं जोकि अवध के इतिहास का हिस्सा रहे हैं।
कोबाल्ट स्टोन की सड़क पर दौड़ रहे वाहन
हुसैनाबाद क्षेत्र के विकास के समय यहां कोबाल्ट पत्थर से सड़क बनाने का काम हुआ। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये भी पीडब्ल्यूडी ने खर्च किया। कोबाल्ट स्टोन की यह सड़क टीले वाली मस्जिद से शुरू होकर छोटा इमामबाड़ा तक बनी हुई है। मोटर चालित वाहनों के लिए यह कतई उपयुक्त नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि कोबाल्ट से सड़क बनाए जाने का उद्देश्य ही यहां वाहनों के आवागमन को रोकते हुए इलाके की खूबसूरती को बढ़ाना था।
गंज की तर्ज पर संवरेगा विधानसभा मार्ग व विभूतिखंड
राजधानी के विभूतिखंड क्षेत्र और विधानसभा मार्ग को हजरतगंज और जयपुर और की तर्ज पर संवारा जाएगा। यहां व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साइन बोर्ड एक रंग और समान डिजाइन में बनवाए जाएंगे। वहीं, अतिक्रमण और नए फ्लाईओवर बन जाने से विक्टोरिया स्ट्रीट पर काम नहीं होगा। शुक्रवार को एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ पहले विक्टोरिया स्ट्रीट का दौरा किया। इसके बाद विधानसभा मार्ग (हुसैनगंज तिराहा से हजरतगंज सेक्शन) और गोमतीनगर में विभूतिखंड को विकल्प के रूप में देखा गया है। यहां भी वीसी ने निरीक्षण किया। अभी वीसी दूसरे इलाकों का भी निरीक्षण करेंगे। ताकि और भी सड़कों को एकरूपता दी जा सके।
डिजाइन में दिखेगा रूमी गेट का अक्स
मुख्य अभियंता ने बताया कि विभूतिखंड और विधानसभा मार्ग में डिजाइन को लेकर वीसी ने निर्देश दिया है कि बाहरी हिस्से में जयपुर की तर्ज पर जो बाउंड्रीवॉल या छज्जे का ऊपरी भाग तैयार हो, उसमें रूमी गेट का अक्स भी रहे। पूरी सड़क पर दोनों तरह प्रतिष्ठानों पर यह डिजाइन एक समान रूप से रहेगा। रंग को भी एलडीए जल्द ही फाइनल करेगा। सभी प्रतिष्ठान हजरतगंज की तरह बोर्ड के समान रूप से रंग और डिजाइन उपयोग करेंगे। यह काम प्रतिष्ठान मालिकों को करना होगा। ऐसा नहीं करने पर एलडीए भी भवन स्वामी के खर्च पर यह काम करा सकेगा।
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प्रमुख सचिव ने परखा ग्रीन कॉरिडोर का काम
प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने शुक्रवार को बसंतकुंज में ग्रीन कॉरिडोर के काम का निरीक्षण किया। कैटल कॉलोनी की जमीन पर बन रहे 140 मीटर लंबे बंधा के काम को भी उन्होंने वीसी अक्षय त्रिपाठी के साथ देखा। एलडीए की उपलब्ध कराई जमीन पर यहां सिंचाई विभाग की टीम बंधा बना रही है। इस निरीक्षण को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर के प्रजेंटेशन से जोड़कर देखा जा रहा है। यह दीपावली से पहले होना है।
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