परिवहन निगम के कैसरबाग डिपो की पूरी बस बृहस्पतिवार को बेटिकट यात्रियों को ढोते हुए पकड़ी गई। बहराइच से लखनऊ की तरफ आ रही बस में 24 बाराती सवार थे।
इनसे किराए का पैसा तो पूरा वसूला गया पर टिकट नहीं दिया गया। मुख्यालय के चेकिंग दस्ते ने बस को रोकने का इशारा किया तो ड्राइवर गाड़ी किनारे लगा भागने लगा।
बस के ड्राइवर और कंडक्टर को निलंबित कर दिया गया। दोनों के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। ड्राइवर को नौकरी से निकालने पर भी विचार चल रहा है।
लखनऊ रेंज के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह के मुताबिक 8 जून को यह बस कैसरबाग से यात्रियों को लेकर रुपईडीहा गई थी। बस 9 जून को वापसी में बहराइच से पहले ही खराब हो गई।
ड्राइवर ने बस को ठीक कराया और 10 जून को बहराइच से सवारी लेकर चला तो 10-12 किमी चलने के बाद दोबारा पखरपुर के पास खराब हो गई। बस को सही करने के लिए लखनऊ से मिस्त्री को भेजा गया।
बृहस्पतिवार तड़के ड्राइवर नरेश चंद्र गुप्ता बिना कंडक्टर अशोक कुमार तृतीय के यात्रियों को लेकर लखनऊ की ओर चल पड़ा। दरअसल कंडक्टर मिस्त्री को लेने लखनऊ आया था और इसके बाद से गोल था।