बजट खत्म हो जाने से पिछड़े वर्ग के तीन लाख से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क की भरपाई नहीं हो सकी। पिछड़ा वर्ग निदेशालय ने पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में बचे 200 करोड़ रुपये के इस्तेमाल की अनुमति शासन से मांगी है।
हालांकि, इस रकम के इस्तेमाल की अनुमति मिलने पर भी कक्षा 10 से ऊपर के करीब डेढ़ लाख छात्र लाभ पाने से वंचित रहेंगे। उधर, समाज कल्याण विभाग ने भी अनुसूचित जाति व जनजाति के 5.5 लाख और सामान्य वर्ग के 3 लाख विद्यार्थियों के खातों में रकम भेज दी है।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति देने के साथ ही उनकी फीस की भरपाई की जाती है।
वर्ष 2014-15 में इसके लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 862 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। इससे पिछड़े वर्ग के कुल 14.21 लाख विद्यार्थियों को लाभ दिया जाना था।
शनिवार को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से राज्य मुख्यालय ट्रेजरी से सीधे विद्यार्थियों के खातों में रकम भेजी गई। 862 करोड़ रुपये 11 लाख विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त हो सका।